पिछले 7 साल में डबल हुए LPG के दाम, पेट्रोल-डीजल पर 459% बढ़ा टैक्स कलेक्शन- लोकसभा में बोले धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली: देश में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़कर रख दी। पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हुए आसमानी उछाल ने लोगों के घरों के बजट को हिलाकर रख दिया। पेट्रोल-डीजल के दामों के बढ़ने से और जरूरत की चीजों की रेट पर भी बड़ा असर पड़ा है। बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। खुद पेट्रोलियम मंत्री ने इस बात को स्वीकर किया है कि पिछले 7 सालों में एलपीजी की कीमतें दोगुनी हुई है।

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    पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि घरेलू रसोई गैस की कीमत पिछले सात वर्षों में दोगुना होकर सिलेंडर का दाम 819 प्रति हो गया है, जबकि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स पर 459 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लोकसभा में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में प्रधान ने कहा कि 1 मार्च 2014 को 14.2 किलो वाले घरेलू गैस की कीमत 410 रुपए और 5 पैसे थी।

    594 रुपए से दाम पहुंचे 819 रुपए पर

    मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी देते हुए बताया कि घरेलू सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमत पिछले कुछ महीनों के दौरान बढ़ी है। दिसंबर 2020 में इसकी कीमत 594 प्रति सिलेंडर थी और अब इसकी कीमत 819 पहुंच गई है। इसी तरह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गरीबों को बेचा गया केरोसिन मार्च 2014 में 14.96 प्रति लीटर से बढ़कर इस महीने 35.35 हो गया है।

    पेट्रोल-डीजल के दाम भी आसमान पर

    पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी देश भर में इस वक्त सबसे ऊंची है। वैट के आधार पर दर अलग-अलग होती है, जो वर्तमान में दिल्ली में 91.17 लीटर पेट्रोल और डीजल 81.47 लीटर है।

    मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को सरकार ने 26 जून, 2010 और 19 अक्टूबर, 2014 से बाजार के हिसाब से निर्धारित किया है। तब से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) पेट्रोल और डीजल के मूल्य निर्धारण पर अपने अंतरराष्ट्रीय उत्पाद मूल्य, विनिमय दर, कर संरचना, अंतर्देशीय माल और अन्य लागत के अनुरूप उचित निर्णय लेती हैं।

    पेट्रोल मंत्री ने टैक्स कलेक्शन की जानकारी देते हुए बताया कि पेट्रोल और डीजल पर साल 2013 में टैक्स कलेक्शन 52,537 करोड़ रुपए रहा, जो 2019-20 में बढ़कर 2.13 लाख करोड़ रुपए हो गया। वहीं चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में में कलेक्शन बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपए रहा है।

    एक्साइज ड्यूटी की दी जानकारी

    साथ ही सरकार की ओर से वसूलने वाली एक्साइज ड्यूटी की जानकारी देते हुए मंत्री प्रधान ने बताया कि सरकार ने वर्तमान में पेट्रोल पर 32.90 प्रति लीटर उत्पाद शुल्क और डीजल पर 31.80 प्रति लीटर का शुल्क लगाया है। नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच सरकार ने 9 बार पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क को बढ़ाया था। कुल मिलाकर, पेट्रोल की दर पर ड्यूटी per 11.77 प्रति लीटर और डीजल पर उन 15 महीनों में 13.47 लीटर की बढ़ोतरी की गई।

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