इन 10 देशों के इंटरनेशनल नंबर से प्रवासी भारतीय कर सकेंगे UPI का इस्तेमाल, तैयार हो रहा सिस्टम
प्रवासी भारतीयों के लिए अब यूपीआई इस्तेमाल करना आसान होगा। वो आराम से अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर से UPI सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे।

दुनियाभर में डिजिटल ट्रांजेक्शन में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। भारत में भी UPI ट्रांजेक्शन हर साल नए रिकॉर्ड बना रहा। ऐसे में अब ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा, जिसके तहत दूसरे देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय भी आसानी से UPI का इस्तेमाल कर सकें। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कुछ दिनों पहले ही एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें UPI से जुड़े संस्थानों को ऐसा तंत्र विकसित करने को कहा गया, जिसमें बिना भारतीय नंबर के भी एनआरआई UPI ट्रांजेक्शन कर सकें।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 देशों के लिए ये सुविधा तैयार की जा रही है, जिसके तहत वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय एकीकृत भुगतान इंटरफेस यानी UPI का उपयोग ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर के लिए कर सकते हैं। हाल ही में जारी एक सर्कुलर में कहा गया कि अभी 10 देशों के लिए ये सुविधा तैयार की जा रही है। इसके बाद अन्य देशों में इसका विस्तार किया जाएगा।
वैसे प्रारंभिक चरण में उन देशों को रखा गया है, जहां भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और हांगकांग शामिल हैं। इन देशों में रह रहे भारतीय UPI आईडी बनाकर लेन-देन कर सकते हैं। इन के कंट्री कोड कुछ इस तरह से हैं-
संयुक्त राज्य अमेरिका: +1
यूनाइटेड किंगडम: +44
कनाडा: +1
ऑस्ट्रेलिया: +61
सिंगापुर: +65
ओमान: +968
सऊदी अरब: +966
संयुक्त अरब अमीरात: +971
कतर: +974
हांगकांग: +852
क्या रहेगी शर्त?
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक सभी UPI पार्टिसिपेट्स को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नियमों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। मामले में सर्वत्र टेक्नोलॉजीज के संस्थापक मंदार अगाशे ने कहा कि एनआरआई को अपने अंतरराष्ट्रीय सिम से जुड़े एनआरई और एनआरओ खातों को यूपीआई से लिंक करना होगा। इसके बाद मर्चेंट भुगतान के साथ-साथ पीयर-टू-पीयर भुगतान के लिए किसी भी अन्य भारतीय UPI यूजर की तरह वो इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।












Click it and Unblock the Notifications