क्या बिटकॉइन को मुद्रा के रूप में मान्यता देने जा रही है सरकार? जानें वित्त मंत्रालय ने क्या कहा
केंद्रीय वित्त मंत्री ने सोमवार को संसद में कहा कि केंद्र सरकार बिटकॉइन लेनदेन पर कोई डेटा एकत्र नहीं करती है। उन्होंने आगे कहा कि देश में बिटकॉइन को मुद्रा के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर। आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में कहा कि केंद्र सरकार बिटकॉइन लेनदेन पर कोई डेटा एकत्र नहीं करती है। उन्होंने आगे कहा कि देश में बिटकॉइन को मुद्रा के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि भारत सरकार बिटकॉइन लेनदेन पर बिल्कुल डेटा एकत्र नहीं करती है। सोमवार को शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी के नियमन की मांग वाले कानून पर चर्चा की जाएगी।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटल मुद्राओं के उपयोग के मामलों की जांच कर रहा है और केंद्रीय बैंक अपनी डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) की शुरुआत के लिए चरणबद्ध कार्यान्वयन रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें कोई व्यवधान नहीं है। सरकार का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब संसद के मौजूदा सत्र में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर विधेयक लाने की तैयारी चल रही है। इस विधेयक में प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी लगाए जाने का प्रस्ताव है। लोकसभा की वेबसाइट के अनुसार सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर एक बिल ला सकती है, जिसमें प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने का प्रावधान हो सकता है। वर्तमान में देश में क्रिप्टोकरेंसी पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
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क्रिप्टोकरेंसी को लेकर पीएम मोदी ने की थी बैठक
बता दें कि 13 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बैठक की थी जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया था कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर झूठे वादे करने और गैर पारदर्शी विज्ञापनों के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिशें बंद होनी चाहिए। बैठक में यह भी तय हुआ कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर विशेषज्ञों और स्टेक होल्डर्स के साथ लगातार बातचीत करती रहेगी।
आरबीआई भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चिंतित
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बार बार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। आरबीआई ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी से देश की व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा आरबीआई ने इसके निवेशकों की संख्या और इसके बाजार मूल्य पर भी संदेह जताया है।












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