आम्रपाली को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू, 40000 फ्लैट खरीदारों पर पड़ेगा असर

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नई दिल्ली। आम्रपाली ग्रुप के फ्लैट्स खरीदने वालों का सपना लगभग टूट चुका है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने आम्रपाली ग्रुप के अल्ट्रा होम्स के को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। एनसीएलटी ने आम्रपाली के अल्ट्रा होम्स को दिवालिया घोषित करने को प्रक्रिया को मंजूरी देकर 40000 फ्लैट खरीदारों की परेशानी बढ़ी दी है। आम्रपाली अल्ट्रा होम्स के साथ-साथ इस प्रक्रिया का असर इसके बाकी प्रोजेक्ट पर भी पड़ेगा। इससे पहले एनसीएलटी आम्रपाली इन्फ्रास्ट्रक्चर को दिवालिया घोषि‍त शुरू करने की अर्जी को भी मंजूरी दे चुका है।

 NCLT approve insolvency proceedings against Amrapali Infrastructure

बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिवालिया घोषित करने की अर्जी दाखिल करने के बाद एनसीएलटी ने अपनी मंजूरी दे दी। आपको बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने आम्रपाली इंफ्रास्ट्रक्चर को 97.30 करोड रुपए का लोन दिया, लेकिन आम्रपाली इसे नहीं चुका सका। बैंक के अलावा आम्रपाली ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का भी बकाया अब तक नहीं चुकाया है।

बिल्डर की इस गलती का हर्जाना फ्लैट बायर्स को भुगतना पड़ रहा है, हलांकि एनसीएलसी ने बैंकों को होम बायर्स के साथ नरमी बरतने का आदेश दिया है आम्रपाली के खिलाफ निवेशकों ने ग्रेटर नोएडा में एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसके खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आम्रपाली ने फ्लैट खरीददारों से 80 से 90 प्रतिशत तक पैसे वसूल लिए, लेकिन पिछले 7 सालों में एक भी प्रोजक्ट पूरा नहीं किया। आम्रपाली के साथ-साथ जेपी इंफ्रा भी खुद को दिवालिया घोषित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोर्ट ने कंपनी को 2000 करोड़ रुपए जमा कराने का आदेश दिया है। उसे 27 अक्टूबर तक का वक्त दिया गया है।

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English summary
The principal bench of the National Company Law Tribunal (NCLT) admitted an insolvency petition against Amrapali Infrastructure, filed by Bank of Baroda

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