Banks Merger: आज से बंद हुए ये 6 सरकारी बैंक,क्या होगा खाताधारकों की जमापूंजी पर असर

Banks Merger: आज से खत्म हुआ इन 6 सरकारी बैंकों का अस्तित्व, क्या होगा खाताधारकों की जमापूंजी पर असर

नई दिल्ली। अगर आपका बैंक खाता ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स , यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया,सिंडिकेट बैंक, इंडियन बैंक,आंध्रबैंक या कॉर्पोरेशन बैंक में है तो ये खबर आपके लिए बेहद खास है। खास इसलिए क्योंकि आज यानी 1 अप्रैल से इन बैंकों का अस्तितव खत्म हो गया है। आज से ये छह सरकारी बैंक आपको नजर नहीं आएंगे। दरअसल 1 अप्रैल से इन बैंकों का विलय दूसरे सरकारी बैंकों में कर दिया गया है। आज से भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 हो गई। 10 सरकारी बैंकों के विलय से 4 बड़े सरकारी बैंकों बनाए गए हैं।

 आज से इन 6 बैंकों का अस्तित्व खत्म

आज से इन 6 बैंकों का अस्तित्व खत्म


आज आरबीआई की मिली मंजूरी के बाद 6 सरकारी बैंकों का विलय कर दिया गया। जहां ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में किया गया तो वहीं सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक मर्ज किया गया। वहीं इंडियन बैंक का विलय इलाहाबाद बैंक में किया गया। जबकि आंध्रबैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में किया गया है। आज से भारत में SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, PNB, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया , इंडियन बैंक स्वतंत्र बैंक ,इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया भारत के 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक होंगे।

 क्या होगा खाताधारकों पर असर

क्या होगा खाताधारकों पर असर


विलय से पहले ही सरकार साफ कर चुकी हैं कि बैंक के खाताधारकों की जमां पूजी, उनके ब्याज की दर, उनके द्वारा लिए गए लोन और एफडी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आज से विलय वाले बैंकों के जमाकर्ताओं सहित ग्राहकों को उन बैंकों का कस्टमर माना जाएगा। यानी जिस दर पर उन्हें अपने बैंक में लोन मिला था विलय के बाद भी उसी दर पर जारी रहेगा। उनकी एफडी, उनकी जमापूंजी या सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

 खाताधारकों को करवाना होगा ये काम

खाताधारकों को करवाना होगा ये काम

बैंकों के विलय ये खाताधारकों के पैसों, उनकी जमापूंजी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन विलय के बाद विलय होने वाले 6 बैंकों के खाताधारकों को थोड़ी कागजी कार्रवाई करनी पड़ेगी। हर खाताधारक को नया अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी जारी लकिया जाएगा। उन्हें नया एटीएम कार्ड, नया पासबुक इश्यू किया जा सकता है। नया अकाउंट नंबर मिलते ही उन्हें उसकी जानकारी इनकम टैक्स रिपोर्टमेंट, इंश्योरेंस कंपनी, म्यूचुअल फंड, एनपीएस में देना होगा। वहीं ग्राहकों को नए चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक जाना पड़ सकता है।

अब देश में सिर्फ 12 सरकारी बैंक

अब देश में सिर्फ 12 सरकारी बैंक

आपको बता दें कि साल 2017 में जहां देश में 27 सरकारी बैंक थे, वहीं 1 अप्रैल के बाद सात बड़े सरकारी बैंक राष्ट्रीय स्तर के बैंक और पांच छोटे बैंक होंगे। विलय के बाद पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में उनके सहयोगी बैंकों का विलय किया गया था, जिसके बाद वो देश का सबसे बड़ा बैंक बन गया। अब 1 अप्रैल से पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक हो जाएगा। इसका कारोबार 17.94 लाख करोड़ रुपए का होगा।

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