LPG Shortage: LPG संकट पर सरकार अलर्ट, रेस्टोरेंट्स से सीधे बात करेंगी ऑयल कंपनियां, 3 सदस्यीय कमेटी बनी
LPG Shortage News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने घरेलू गैस यानी LPG की सप्लाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों की कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन संभावित दबाव को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से सीधे बातचीत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कमर्शियल LPG की सप्लाई से जुड़ी उनकी समस्याओं को समझा जा सके।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस काम के लिए IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह कमेटी रेस्टोरेंट उद्योग की शिकायतें सुनेगी और उनकी वास्तविक जरूरत के मुताबिक गैस सप्लाई को फिर से प्राथमिकता देगी।

घरेलू LPG को दी गई प्राथमिकता (Domestic LPG Priority)
सरकार ने यह भी साफ किया है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। इसी वजह से हाल के दिनों में LPG उत्पादन लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है और अलग-अलग स्रोतों से LPG और LNG की नई खेप भी मंगाई जा रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को LPG उत्पादन की ओर मोड़ें और अतिरिक्त उत्पादन को खास तौर पर घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराएं।
सप्लाई मैनेजमेंट के लिए सख्त निर्देश (Gas Supply Management)
सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए गैस आपूर्ति के अलग-अलग सेक्टरों के लिए प्राथमिकता तय की है।
निर्देशों के मुताबिक
- घरेलू पाइप्ड गैस,
- ट्रांसपोर्ट के लिए CNG,
- LPG उत्पादन और पाइपलाइन संचालन
जैसे जरूरी क्षेत्रों को उनकी पिछले छह महीने की औसत खपत के 100 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति दी जाएगी।
वहीं उर्वरक उद्योग को करीब 70 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को करीब 80 प्रतिशत गैस सप्लाई बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
रिफाइनरियों को भी दिए गए खास निर्देश (Refinery Gas Allocation)
सरकार ने तेल रिफाइनरियों से कहा है कि LNG सप्लाई में संभावित बाधा को ध्यान में रखते हुए वे अपनी गैस खपत को पिछले छह महीने की औसत का लगभग 65 प्रतिशत तक सीमित रखें, ताकि घरेलू जरूरतों के लिए गैस उपलब्ध कराई जा सके।
साथ ही गैस के उत्पादन, आयात, स्टॉक, सप्लाई और खपत से जुड़ी पूरी जानकारी केंद्र सरकार को नियमित रूप से देने का भी निर्देश दिया गया है।
घबराने की जरूरत नहीं: सरकार का दावा (Energy Security India)
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत ने इस संकट के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। अभी करीब 70 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर के स्रोतों से आयात किया जा रहा है।
एक अधिकारी के मुताबिक, ईरान-इजरायल संघर्ष से पहले भी भारतीय रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही थीं और अभी भी स्थिति सामान्य है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए नया नियम (LPG Booking Rule)
सरकार ने LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू किया है। यानी एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकेगी।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद सिर्फ इतना है कि देश के हर घर तक रसोई गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे, चाहे वैश्विक हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।












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