ITR 2023: जानिए क्या होता है TDS-TCS, दोनों कैसे हैं एक-दूसरे से अलग
ITR 2023: अक्सर टीडीएस और टीसीएस को लेकर लोग भ्रमित होते हैं। दोनों के बीच लोगों को अंतर नहीं पता होता है। टीडीएस सोर्स से डिडक्ट किया जाता है जबकि टीसीएस उत्पाद खरीदने पर काट कर दिया जाता है।

ITR 2023: आयकर विभाग की ओर से आयकर रिटर्न भरने की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है, साथ ही ऑनलाइन इसे फाइल करने के लिए फॉर्म को भी इनेबल कर दिया गया है। टैक्स से जुड़े कई ऐसे टर्म होते हैं जिसको लेकर भ्रम रहता है। इसी में से एक टीडीएस और टीसीएस है।
अक्सर लोग टीडीएस और टीसीएस के बारे में चर्चा करते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को इन दोनों में क्या मौलिक अंतर है वह पता नहीं होता है। अहम बात यह है कि टीडीएस और टीसीएस दोनों ही टैक्स कलेक्ट करने के दो अलग-अलग तरीके हैं।
क्या है टीडीएस (Tax Deducted at Source)
टीडीएस की बात करें तो अगर कोई व्यक्ति किसी तरह की इन्कम हासिल करता है तो उसपर टैक्स काटकर उसे दिया जाएगा। टीडीएस के जरिए सरकार टैक्स काटती है। इसे अलग-अलग सोर्स पर काटा जाता है, जैसे सैलरी, निवेश पर मिला ब्याज, कमीशन आदि। टीडीएस फाइल करने की जिम्मेदारी कंपनी पर या फिर व्यक्ति पर होती है। अगर आपकी सैलरी से टीडीएस आपकी कुल देनदारी से ज्यादा काटा गया है तो, यह आयकर रिटर्न फाइल करने के बाद वापस आ जाता है।
क्या है टीसीएस (Tax Collected at Source)
टीसीएस की बात करें तो सोर्स पर कलेक्ट किया गया कर इसके दायरे में आता है। इसे आयकर एक्ट की धारा 206सी के तहत निर्धारित किया जाता है। यह कुछ खास तरह के उत्पाद और लगाया जाता है, जैसे शराब, तेंदू पत्ता, टिंबर, कबाड़ आदि। जब आप इन सामान को खरीदते हैं तो दुकानदार इसपर टैक्स वसूलता है, जिसे विक्रेता यानि दुकानदार की ओर से फाइल करना होता है।
आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई
बता दें कि आयकर विभाग की ओर से आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2023 है। ऐसे में हर करदाता को अपना आईटीआर इस तय तारीख से पहले फाइल करना है, अगर इसे फाइल करने में चूक हुई तो भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।












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