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Interim Budget 2019:मोदी सरकार के आखिरी बजट से देश को क्या हैं उम्मीदें

Budget 2019:मोदी सरकार के आखिरी बजट से देश को क्या हैं उम्मीदें

नई दिल्ली। Loksabh Election 2019(लोकसभा चुनाव 2019) से पहले मोदी सरकार अपना आखिरी बजट 1 फरवरी को पेश करने जा रही है। चुनावी साल होने की वजह से सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी। 1 फरवरी को 11 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल लोकसभी में बजट पेश करेंगे। आम चुनाव से पहले मोदी सरकार के आखिरी बजट को लेकर पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं।पीयूष गोयल के पिटारे से हर क्षेत्र के लोगों को उम्मीदें हैं, फिर चाहे वो किसान हो, युवा, या टैक्स पेयर्स। बदले में सरकार को भी चुनावी फायदे की उम्मीद जरूर होगी और हो सकता है इसी को ध्यान में रखकर हर वर्ग को खुश करने के लिए लोकलुभावन घोषणाएं की जाएं।

मोदी सरकार के इस बजट पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं । ऐसा होना भी लाजिमी है, क्योंकि चुनाव के पहले यह आखिरी बजट है । 2019 के लोकसभा चुनाव की वजह से यह अंतरिम बजट एक तरह से अगले चुनाव का आधार भी तय करेगा।इस बजट को लेकर देश के आम वर्ग के लोगों में काफी उत्सुकता है। नौकरीपेशा जहां आयकर में छूट की उम्मीद लगाकर बैठे हैं तो आम जनता महंगाई पर लगाम। आइए एक नजर डालते हैं मोदी सरकार के आखिरी बजट से किसी क्या उम्मीदें हैं।

 आम जनता को मोदी सरकार के आखिरी बजट से क्या उम्मीदें

आम जनता को मोदी सरकार के आखिरी बजट से क्या उम्मीदें

मोदी सरकार के आम बजट की ओर मिडिल क्लास ने उम्मीदों भरी निगाहें लगा रखी है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार बजट में उन्हें कुछ ऐसी सौगात देगी, जिससे उसकी आमदनी बढ़ जाएगी और वो ज्यादा बचत करने में सक्षम हो सकेंगे। मिडिल क्लास को उम्मीद है कि इनकम टैक्स के दायरे की सीमा बढ़ाई जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि सरकार टैक्स छूट की सीमा तो 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर सकती है। इस बजट से पेंशनर्स को भी उम्मीद है।

 किसानों को बजट से उम्मीद

किसानों को बजट से उम्मीद

मोदी सरकार के इस आम बजट से किसानों को काफी उम्मीदें है। चुनावी साल होने की वजह से उम्मीद की जा रही है कि सरकार उन्हें तोहफा दे सकती है। माना जा रहा है कि बजट में किसानों के लिए एक पैकेज का ऐलान सरकार कर सकती है, जिसमें एमएसपी के सीधे खाते में पहुंचाने और फसल कर्ज को लेकर घोषणाएं की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों में किसानों के हुए आंदोलन के बाद इसकी उम्मीद भी काफी बढ़ हुई है। तीन राज्यों में मिली हार के बाद सरकार दवाब में है। ऐसे में विपक्षी पार्टी द्वारा वोटरों को लुभाने के लिए की गई घोषणाएं जैसे कर्ज माफी और गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के बाद सरकार बजट में बड़ी घोषणाएं कर सकती है, जो विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब दे सके। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार बजट में किसानों के लिए नकद हस्तांतरण योजना ला सकती है। इसके अलावा सरकार राजकोष में 700 अरब रुपए का खर्च छोटे कारोबारियों और कुछ कर देने वाले लोगों को राहत देने में कर सकती है। इसके अलावा जीडीपी के राजकोषीय घाटे को 3.3 फीसदी पर लाना सरकार का लक्ष्य है।

 यूनिवर्सिल बेसिक इनकम

यूनिवर्सिल बेसिक इनकम

चुनावी साल को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार बड़ा दांव खेल सकती है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम की घोषणा कर सकती है। इस स्कीम को लागू करने के लिए सरकारी खजाने पर लगभग 7 लाख करोड़ का बोझ पड़ेगा। इस बोझ को सहन करना आसान नहीं होगा। ऐसे में अगर इस योजना में गरीब तबके के सिर्फ 18 से 20 फीसदी परिवारों को भी शामिल किया जाए तो भी लगभग 5 लाख करोड़ से अधिक का खर्च आएगा। सूत्रों की माने तो इस बजट में यूबीआई पर सरकार बड़ी घोषणा कर सकती है।

 गृहणियों को ये हैं उम्मीदें

गृहणियों को ये हैं उम्मीदें


घरेलु महिलाओं को इस बार उम्मीद है कि सरकार बजट में घरेलु सामानों के सस्ते करने की घोषणा करेगी। वहीं व्यापारी वर्ग के नागरिकों को मोदी सरकार से उम्मीदें हैं कि सरकार उनके हित में बजट लेकर आएगी। व्यापारियों को उम्मीद है कि सोने पर आयात कर 10 फीसदी है जिसे 5-6 फीसदी कम किया जाना चाहिए। व्यापारियों को उम्मीद है कि सरकार उन्हें जीएसटी में राहत देगी।

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