विशाल सिक्का के हाथ में Infosys की कमान, नारायण मूर्ति भी छोड़ेंगे कंपनी

साथ ही इंफोसिस के बोर्ड ने यू.बी.प्रवीण राव को प्रमोट करके सीओओ बनाया है। 47 साल के सिक्का इससे पहले आईटी कंसल्टिंग कंपनी एसएपी के बोर्ड मेंबर रह चुके हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही जर्मन कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दिया था।
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वडोदरा में जन्मे सिक्का एसएपी के पहले चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर और मैनेजमेंट टीम और एग्जिक्यूटिव बोर्ड के मेंबर थे। सिक्का तब से के.वी.कामत और चेयरमैन एन नारायण मूर्ति की पसंद रहे हैं,जब सीईओ पद के लिए दूसरे उम्मीदवारों का मूल्यांकन भी नहीं हुआ था।
सिक्का इंफोसिस के पहले नॉन-फाउंडर सीईओ होंगे। इंफोसिस के इतिहास में ऎसा पहली बार हुआ है, जब कंपनी के बाहर से आकर कोई शख्स सीईओ की गद्दी संभालेंगा। फिलहाल एस डी शिबुलाल ये पद संभाल रहे थे।
इंफोसिस में काफी बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। 14 जून को नारायणमूर्ति कंपनी के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे और वे 11 अक्टूबर से कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस होंगे।
होने जा रह है तूफानी बदलाव-
11 अक्टूबर से के वी कामत नॉन-एक्जिक्यूटिव चेयरमैन होंगे। वहीं एस गोपालकृष्णन एक्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे। 14 जून को नारायणमूर्ति के बेटे रोहन मूर्ति एक्जिक्यूटिव रोल से अलग हो जाएंगे। साथ ही श्रीनाथ बाटनी 31 जुलाई को कंपनी के होल टाइम डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे देंगे।
इंफोसिस के पूर्व सीएफओ वी बालाकृष्णन ने कहा कि विशाल सिक्का के इंफोसिस में आने से निश्चितता आएगी। दरअसल कंपनी के आला अधिकारियों के इस्तीफे से निवेशकों के सेंटीमेंट्स बिगड़ने लगे थे लेकिन सिक्का के नए सीईओ बनने से इंफोसिस को नेगेटिव खबरों से थोड़ी राहत मिलेगी। कंपनी ने इस वर्ष बेहतर मुनाफा दर्ज किया है।












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