धीमी हुई भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार, अक्टूबर-दिसंबर वाली तिमाही में 4.4 प्रतिशत रही जीडीपी ग्रोथ रेट
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर मंगलवार को केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने डेटा जारी किया। जिसके मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर वाली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट .4 प्रतिशत रही।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। 28 फरवरी को केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नया डेटा जारी किया, जिससे पता चला कि अक्टूबर-दिसंबर वाली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर 4.4 प्रतिशत पर आ गई। ये लगातार दूसरी तीमाही में गिरावट है, ऐसे में सरकार की चिंता बढ़ गई।
सरकार की ओर से जारी डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2023 की अप्रैल-जून वाली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ काफी ज्यादा हुई थी। उस वक्त आंकड़ा 13.5 प्रतिशत पर पहुंच गया था, लेकिन जुलाई-सितंबर वाली तिमाही में अर्थव्यवस्था को झटका लगा और ये आंकड़ा 6.3 प्रतिशत पर आ गया। अब लगातार दूसरी तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर 4.4 प्रतिशत हो गई।
दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2022 की अंतिम तिमाही के लिए 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। हालांकि उस वक्त केंद्रीय बैंक ने इस साल की विकास दर 6.8 फीसदी रहने की बात कही थी, लेकिन सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जनवरी की शुरुआत में जारी जीडीपी के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक भारत की जीडीपी 2022-23 में 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने वाली थी।
वहीं दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वित्तवर्ष 23 के लिए देश की वास्तविक GDP वृद्धि 7 प्रतिशत आंकी गई है। ये अनुमान वही है जो पहले अग्रिम अनुमान में साझा किया गया था। इसके अलावा दूसरे अग्रिम अनुमान में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि 15.9 प्रतिशत आंकी गई है, जो पहले अग्रिम अनुमान में 15.4 प्रतिशत से ज्यादा है। सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को 13.5 प्रतिशत से घटाकर 13.2 प्रतिशत कर दिया है।












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