क्या होता है Windfall Tax? सरकार ने घरेलू कच्चे तेल पर इस टैक्स को किया कम
Windfall Tax: केंद्र सरकार घरेलू कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी करके कहा गया है कि स्पेशल अडिशनल एक्साइज ड्यूटी को कच्चे तेल पर कम करके 9050 रुपए प्रति टन कर दिया गया है।
आज से नई दरें लागू
नई दरें 18 अक्टूबर से प्रभावी हो गई हैं। इससे पहले 29 सितंबर को कच्चे तेल के उत्पादन पर विंडफॉल टैक्स को 12100 रुपए प्रति टन किया गया था। डीजल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी को 5 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 4 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है।

जेट फ्यूल पर घटा टैक्स
जेट फ्यूल पर मौजूदा समय में 2.5 रुपए प्रति लीटर की टैरिफ लगती है जिसे घटाकर एक रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं गैसोलाइन पर SAED जीरो रहेगा। बहुत से लोगों को इस बात की यह जानकारी नहीं है कि यह विंडफॉल टैक्स क्या होता है।
क्या होता है विंडफॉल टैक्स
ऐसे में हम आपको इसे सरल भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे। विंडफॉल टैक्स उन कंपनियों या फिर इंडस्ट्रियों पर लगाया जाता है जिन्हें खास वजह से तत्कालिक मुनाफा होता है। बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के होने वाले लाभ पर लगने वाले टैक्स को ही विंडफॉल टैक्स कहते हैं।
जब बाहर इस तरह की कोई परिस्थिति बन जाए कि कंपनी को कुछ किए बिना ही अतिरिक्त मुनाफा होने लगता है तो सरकार इसपर जो कर लगाती है उसे ही विंडफॉल टैक्स कहते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर इसे समझे तो पिछले साल जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू हुआ तो कच्चे तेल के दाम बढ़ गए।
रूस पर लगने वाले प्रतिबंध की वजह से कच्चा तेल के दाम 139 डॉलर प्रति बैरल हो गया। ऐसे में रूस को कच्चे तेल के खरीदार नहीं मिल रहे थे। भारत से अच्छे संबंध होने की वजह से रूस ने भारत को कम दाम पर कच्चा तेल देना शुरू कर दिया।
जिसके बाद अपनी जरूरत से अतिरिक्त तेल को इन कंपनियों ने दूसरे देशों में निर्यात करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से भारत में तेल कंपनियों को बिना कुछ किए ही मुनाफा होने लगा। जिसके बाद सरकार की ओर से विंडफॉल टैक्स को बढ़ा दिया गया था।
2022 में हुई थी विंडफॉल टैक्स की शुरुआत
बता दें कि भारत ने 1 जुलाई 2022 को विंडफॉल टैक्स लगाने की शुरुआत की थी। पहली बार 1 जुलाई 2022 को ही विंडफॉल टैक्स कंपनियों से वसूला गया था। कच्चे तेल की घरेलू बिक्री पर 23250 रुपए प्रति टन का विंडफॉल टैक्स लगाया गया था।
उसके बाद केंद्र सरकार इसे समय-समय पर बदलता रहता है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर विंडफॉल टैक्स में बदलाव किया जाता है।












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