Electronics Goods Export: भारत से कपड़ों से अधिक स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक निर्यात! जानिए आंकड़े

Electronics Goods Export के मामले में भारत ने अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है। वाणिज्य मंत्रालय का अनुमान है कि निर्यात में 50 फीसद से अधिक इजाफा हुआ है। जानिए अपडेटेड आंकड़े

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वाणिज्य डिपार्टमेंट का अनुमान है कि इस साल मोबाइल फोन के शिपमेंट में उछाल के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों का निर्यात बढ़ा है। इसके कारण भारत के एक्सपोर्ट का पारंपरिक मुख्य आधार रेडीमेड कपड़े पीछे छूट गए हैं।

नवीनतम आंकड़ों का अनुमान है कि 2022-23 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 50% से अधिक बढ़कर 23.6 बिलियन डॉलर हो गया है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान, रेडीमेड कपड़ों का निर्यात 1% से कुछ अधिक बढ़कर 16.3 बिलियन डॉलर हो गया।

भारत के कुल एक्सपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स छठा सबसे बड़ा आइटम है। भारत के प्रमुख उत्पादों में दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात भी शामिल है। इसका कुल निर्यात 25.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से थोड़ा कम रहा। बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाओं का निर्यात हुआ।

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      मोबाइल फोन का निर्यात 11 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। निर्यात की शीर्ष 10 सूची में अधिकांश उत्पाद पहले जैसे रहे। चावल भारत का प्रमुख निर्यात है। इसका शिपमेंट कपास, यार्न, कपड़े, मेड-अप और हथकरघा उत्पाद से भी अधिक हुआ।

      प्लास्टिक का निर्यात भी चावल के मुकाबले काफी कम हुआ। हाल के वर्षों में भारत में अधिक मोबाइल फोन निर्मित किए जाने के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में वृद्धि हुई है। इसमें Apple के हाईएंड उत्पाद भी शामिल हैं।

      भारत उत्पाद श्रेणी में शुद्ध आयातक बना हुआ है, क्योंकि आयात निर्यात के मुकाबले कहीं अधिक हुआ। हालाँकि, अंतर घट रहा है। अधिकारियों ने तर्क दिया है कि आईटी उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों को देश में भेजने की जरूरत है।

      पिछले साल के आंकड़ों से पता चलता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का आयात लगभग 5% बढ़कर 77.3 बिलियन डॉलर हो गया, जो दूसरी सबसे बड़ी मात्रा है। यूक्रेन में एक साल से अधिक समय तक युद्ध के कारण कोयला तीसरा सबसे बड़े आयात उत्पाद बन गया।

      कोयले का आयात 57% बढ़कर 49.7 अरब डॉलर हो गया। इससे सोने और मशीनरी का निर्यात पीछे छूट गया। भारत में बिजली क्षेत्र की जरूरतों के मद्देनजर कीमतों में उछाल के कारण कोयला आयात बढ़ा।

      लगभग 210 बिलियन डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम शिपमेंट इंपोर्ट हुए। 2022-23 के दौरान ओवरऑल 714 बिलियन डॉलर के आयात हुआ। आयात बिल में 36% से अधिक हिस्सा कोयले और पेट्रोलियम का रहा।

      पिछले साल कोयला-पेट्रोल पर 31% खर्च हुआ। उर्वरक आयात 21% बढ़कर 17.2 बिलियन डॉलर हो गया। हालांकि इसके बावजूद उर्वरक शीर्ष 10 आयातित वस्तुओं में शामिल नहीं था।

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