Income Tax Return: क्यों बढ़ानी पड़ी ऐन वक्त पर ITR की डेडलाइन? टैक्सपेयर्स को दूसरी बार राहत
Income Tax Return Deadline Extended: आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन इस बार फिर से सुर्खियों में है। लाखों टैक्सपेयर्स ने अंतिम दिन पोर्टल पर रिटर्न भरने की कोशिश की। ITR फाइल करने में अचानक आई तकनीकी दिक्कतों ने सबको परेशान कर दिया। सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भी मदद की गुहार लगाई और आखिरकार आयकर विभाग (Income Tax Department) को करदाताओं की परेशानी देखते हुए एक बार फिर डेडलाइन बढ़ाने का ऐलान करना पड़ा।
अब टैक्सपेयर्स को एक दिन की अतिरिक्त राहत मिल गई है। लोग आज यानी 16 सितंबर तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। यह सिर्फ एक तारीख बढ़ने की खबर नहीं है, बल्कि उन सभी के लिए एक सीख भी है जो हमेशा ITR फाइल करने के लिए आखिरी समय तक इंतजार करते हैं।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सोमवार देर रात करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख एक दिन और बढ़ाई है। लगातार दूसरी बार तारीख बढ़ने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा करने की नौबत क्यों आई। आइए समझते हैं आसान भाषा में...
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जुलाई से सितंबर और अब 16 सितंबर तक सफर
इस बार आकलन वर्ष 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की शुरुआत सामान्य रूप से हुई थी। अंतिम तिथि 31 जुलाई तय थी। लेकिन टैक्सपेयर्स की भारी संख्या और कुछ तकनीकी कारणों से इसे पहले 15 सितंबर तक बढ़ाया गया। अब पोर्टल पर आई दिक्कतों और करदाताओं की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने एक दिन और राहत देने का फैसला किया है।
क्यों बढ़ानी पड़ी आखिरी वक्त पर तारीख?
आयकर विभाग लगातार टैक्सपेयर्स को अलर्ट कर रहा था कि रिटर्न आखिरी दिन तक टालने की गलती न करें। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग 15 सितंबर को ही रिटर्न फाइल करने पोर्टल पर पहुंचे। विभाग के अनुसार, 14 सितंबर तक लगभग 6 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल हो चुके थे, लेकिन लाखों लोग अंतिम घंटे तक इंतजार करते रहे। अचानक इतने ज्यादा लोगों के एक साथ पोर्टल पर आने से सिस्टम धीमा पड़ गया और कई लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
पोर्टल स्लो, शिकायतें और डेडलाइन बढ़ाने की मांग
आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को परेशानी से बचाने के लिए 24x7 हेल्पडेस्क, कॉल सेंटर, लाइव चैट और वेबएक्स सेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर भी मदद की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने शिकायत की कि पोर्टल बार-बार स्लो हो रहा है और रिटर्न सबमिट नहीं हो पा रहा। सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने डेडलाइन बढ़ाने का ऐलान किया।
टैक्सपेयर्स के लिए यह क्यों है सबक?
इस पूरे घटनाक्रम से टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ा सबक छिपा है। अक्सर लोग रिटर्न फाइल करने के लिए आखिरी दिन का इंतजार करते हैं, लेकिन ऐसा करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। पोर्टल पर तकनीकी दिक्कत, धीमा इंटरनेट या किसी जरूरी डॉक्यूमेंट की कमी जैसी दिक्कतें समय रहते ठीक की जा सकती हैं। लेकिन जब सबकुछ अंतिम दिन पर छोड़ दिया जाए तो परेशानी और तनाव दोनों बढ़ जाते हैं।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि हर साल आयकर विभाग पर्याप्त समय देता है। अगर लोग समय रहते अपना रिटर्न फाइल कर दें तो न तो सिस्टम पर दबाव बढ़ेगा और न ही किसी को डेडलाइन बढ़ाने की मांग करनी पड़ेगी। टैक्स पेयर्स को आखिरी समय की भागदौड़ से बचने के लिए जरूरी है कि समय से पहले अपना रिटर्न तैयार करें। इससे न केवल मानसिक दबाव कम होगा बल्कि किसी गलती को सुधारने का भी पर्याप्त समय मिलेगा।
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