नोटबंदी से पहले खातों में जमा किए गए पैसों की भी जांच करेगा आयकर विभाग
नई दिल्ली। कालेधन पर लगाम लगाने के लिए की गई नोटबंदी से भले ही कालाधन बाहर न आया हो, लेकिन आयकर विभाग अभी भी कालेधन पर लगाम लगाने के कदम उठा रहा है। अभी तक को आयकर विभाग सिर्फ उन लोगों द्वारा जमा किए गए पैसों की जांच कर रहा था, जिन्होंने नोटबंदी के बाद अपने खातों में भारी मात्रा में पैसे जमा किए थे। लेकिन अब आयकर विभाग उन लोगों द्वारा जमा किए गए पैसों की भी जांच कर रहा है, जिन्होंने नोटबंदी से पहले अपने खातों में भारी रकम जमा की थी।

आयकर विभाग 2010-11 से अब तक के सभी ब्योरों पर सवाल कर रहा है। मकान खरीदने वाले भी कई ऐसे लोगों को आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है, जिनकी घोषित खरीद मूल्य गाइडेंस वैल्यू से काफी कम पाया गया है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि उपलब्ध सूचना के आधार पर मामलों को ज्यादा जोखिम और कम जोखिम की दो श्रेणियों में बांटा गया है। जिन मामलों को ज्यादा जोखिम वाली कैटेगरी में रखा गया है, उन पर तुरंत एक्शन लेने का फैसला किया गया है।
आपको बता दें कि आयकर विभाग के अधिकारियों के पास यह अधिकार है कि वह आयकर एक्ट की धाराओं 147 और 148 के तहत वह ऐसी किसी भी योग्य आमदनी का असेसमेंट कर सकते हैं, जिनका असेसमेंट नहीं किया गया हो। टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ने की इस मुहिम में आयकर विभाग को बैंकों और वित्तीय संस्थाओं समेत कई अन्य जगहों से जानकारियां मिल रही हैं।












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