कोरोना महामारी के दौरान भारत ने तेजी से उठाए कदम, IMF ने की तारीफ
नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से तोड़ दिया है। जैसे-जैसे कोरोना के मामले कम हो रहे हैं उसी रफ्तार से देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने कोविड-19 महामारी के बीच भारत की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि इकोनॉमी को मजबूती देने के लिए भारत की ओर से उठाए गए कदमों ने अच्छा काम किया है। इन कदमों से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

IMF ने कहा है कि भारत ने कोरोना के बीच अपने श्रम सुधारों और निजीकरण की प्रक्रिया को जारी रखा है। हालांकि इस रिपोर्ट में इस बात को लेकर आगाह किया गया है कि कोरोना महामारी से जुड़ी अनिश्चितताओं से आर्थिक परिदृश्य अभी अनिश्चित है। इस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के कारण निवेश पर असर पड़ा है, लेकिन इसक निगेटिव इफेक्ट को कम करने के लिए इकोनॉमी की ग्रोथ पर असर पड़ा है। वहीं ये भी कहा गया है कि कोरोना से निपटने और अर्थव्यवस्था को रफ्तार लेने को लिए को भी त्वरित कदम उठाए गए वो संतोषजनक रहा। सरकार द्वारा उठाए गए वित्तीय कदम अर्थव्यवस्था को बल देने का काम करता रहा।
वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को भरोसा दिलाया है कि भारत सरकार इकोनॉमी को मजबूती देने और घाटे को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को घटाकर 4.5 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के राजकोषीय घाटे को चालू वर्ष में देश के जीडीपी के 6.8 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है।












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