ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अमेजॉन मांगे आधार तो दें ये जवाब, सोशल मीडिया पर बहस शुरू
नई दिल्ली। वैसे तो तमाम सरकारी सुविधाओं और अपनी पहचान पेश करने के लिए आपको आधार कार्ड या नंबर की जरूरत होती है पर हाल ही में इंटरनेट रिटेलर कंपनी अमेजॉन ने भी मांग रखी। एक कस्टमर ने जब लॉस्ट पैकेजेस यानी सामान न पहुंचने की शिकायत दर्ज कराई तो कंपनी ने ग्राहक से आधार नंबर अपलोड करने को कहा। इसी तरह बेंगलुरु की एप बेस्ड कार रेंटल कंपनी जूमकार ने भी ग्राहकों के लिए बतौर पहचान आधार को अनिवार्य कर दिया है। उसके बिना बुकिंग लेने से ही इनकार कर दिया।

अमेजॉन ने आधार किया अनिवार्य
अब इंटरनेट से लेकर सोशल मीडिया तक ये बहस जोर पकड़ रही है कि आखिर आधार नंबर और कार्ड की कॉपी प्राइवेट कंपनी को देना कितना सुरक्षित होगा। सवाल ये भी उठ रहा है कि प्राइवेट कंपनियों का इस तरह आधार कार्ड को अनिवार्य करने का कदम क्या सही है।

आधार अनिवार्यता पर बहस शुरू
यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) जोकि आधार कार्ड और नंबर का पूरा प्रबंधन करता है, का सुझाव है कि इस तरह का कदम सही नहीं है। इससे ग्राहकों की निजी जानकारियों के लीक होने का खतरा भी हो सकता है। पिछले साल ही अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से UIDAI ने अपने यूजर्स को आधार नंबर शेयर न करने की चेतावनी जारी की थी।

आधार का गलत इस्तेमाल
UIDAI ने ये भी सलाह दी थी कि अगर आप आधार कार्ड की कॉपी किसी को देते हैं तो वो सेल्फ अटेस्टेड जरूर हो ताकि कोई दूसरा इसका गलत इस्तेमाल न कर सके। इस तरह यूआईडीएआई ने साफ इशारा किया था कि अगर आधार नंबर शेयर किया गया तो इसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। फिर भला ये कैसे विश्वास किया जा सकता है कि ऑनलाइन रिटेलर के पास ग्राहकों के आधार नंबर की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

अमेजॉन ने दी सफाई
इस बारे में अमेजॉन के प्रवक्ता ने बयान जारी किया कि कंपनी के लिए कस्टमर सपोर्ट बेहद अनिवार्य है और आधार नंबर मांगने जैसी जरूरत कुछ सीमित मामलों में ही पड़ी है ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि सामान की डिलिवरी गलत हाथों में तो नहीं की जा रही है। इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कुछ ग्राहकों से आधार कार्ड की स्कैन कॉपी अपलोड करने को कहा गया है।












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