कोरोना काल में देश के अरबपतियों ने खूब कमाए पैसे, स्वीडन, स्विटजरलैंड से ज्यादा अरबपति भारत में
नई दिल्ली, 17 जनवरी। पिछल दो साल से देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है। जिस तरह से कोरोना की पहली लहर के दौरान देश में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाया गया उसकी वजह से देश की आर्थिक स्थिति काफी बुरी तरह से चरमरा गई। मध्य वर्गीय परिवार और गरीब तबके पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिला। लेकिन देश के अमीरों पर लॉकडाउन का कोई खास अस होता नजर नहीं आया बल्कि उनकी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऑक्सफेम दावोस 2022 की रिपोर्ट के अनुसार देश में 40 नए उद्योगपति अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हुए हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद से देश में अरबपतियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है और अब देश में 142 अरबपति हैं। देश के इन अरबपतियों की कुल संपत्ति की बात करें तो यह 720 बिलिनयन यूएस डॉलर है और देश की कुल 40 फीसदी आबादी की आय के बराबर है।

रिपोर्ट के अनुसार महामारी के दौरान लोगों की आय में दुनियाभर में बढ़ोतरी हुई है। शेयर के दाम से लेकर क्रिप्टो के दाम और कमोडिटी में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों ने अपनी आय में 1 ट्रिलियन यूएस डॉलर की राशि को और जोड़ लिया है। भारत जहां पर शहरी बेरोजगारी 15 फीसदी बढ़ गई है और खाद्य सुरक्षा संकट में हैं, यहां पर फ्रांस, स्वीडन, स्विट्जरलैंड से अधिक अरबपति हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सरकार ने 2016 में उद्योगपतियों पर लगने वाले टैक्स में भारी कमी की थी और इंडायरेक्ट टैक्स में बढ़ोतरी की थी, जिसकी वजह से अमीर और अमीर हो गए, जबकि देश में न्यूनतम मजदूरी एक दिन की 178 रुपए प्रति दिन ही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ना सिर्फ करों में कटौती की वजह से उद्योगपतियों की आय में बढ़ोतरी हुई है बल्कि सरकार की नीतियां भी अमीरों को मदद करने वाली हैं। ऑक्सफैम की रिपोर्ट में भारत की सरकार को सुझाव दिया गया है कि देश के 10 फीसदी अमीरों पर एक फीसदी का टैक्स लगाए और इसे देश की स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर करने में इस्तेमाल करे। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 10 सबसे बड़े उद्योगपतियों से वसूले जाने वाले टैक्स की मदद से देश के स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त राशि इकट्ठा की जा सकती है।
गौतम अडानी की आय में पिछले कुछ समय में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले साल अडानी की संपत्ति में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई और वह दुनिया के पांचवे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। उन्होंने अपनी कुल आय में 42.7 बिलियन डॉलर की राशि जोड़ी और इसके साथ ही उनकी कुल संपत्ति 90 बिलियन डॉलर हो गई है। जबकि मुकेश अंबानी की बात करें तो उनकी कुल आय में 13.3 बिलियन डॉलर का इजाफा 2021 में हुआ है और अब उनकी कुल आय 97 बिलियन डॉलर हो गई है।












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