जानिए, आखिर क्या सोचकर मोहित गोयल ने लॉन्च किया था फ्रीडम 251 फोन
पुलिस को मोहत गोयल ने यह भी बताया है कि उन्होंने किस तरह और क्या सोचकर फ्रीडम 251 फोन लॉन्च करने की योजना बनाई थी। आइए जानते हैं कैसे और क्यों किया मोहित गोयल ने ऐसा।
नई दिल्ली। इस समय देश का सबसे सस्ता फोन फ्रीडम 251 देने की पेशकश करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित गोयल फ्रॉड के आरोप में गाजियाबाद पुलिस की गिरफ्त में हैं। वहां पर उनसे पूछताछ हो रही है, जिसमें वह एक के बाद एक खुलासा कर रह हैं। इसी पूछताछ से यह पता चला है कि मोहित गोयल कोई एमबीए नहीं, बल्कि आठवीं फेल व्यक्ति हैं। पुलिस को मोहत गोयल ने यह भी बताया है कि उन्होंने किस तरह और क्या सोचकर फ्रीडम 251 फोन लॉन्च करने की योजना बनाई थी। आइए जानते हैं कैसे और क्यों किया मोहित गोयल ने ऐसा।

अखबार से मिली प्रेरणा
मोहित गोयल ने पूछताछ में बताया कि वह बहुत से पैसे कमाने का कोई तरीका ढूंढ़ रहे थे। एक दिन उन्होंने लोगों तक स्मार्टफोन को पहुंचाने के बारे में सोचा और उसकी तुलना अखबार से की। मोहित गोयल ने पाया कि करीब 82 रुपए की लागत से छपने वाला अखबार लोगों तक महज 2 से 5 रुपए में पहुंचता है। यहीं से उनके मन में यह बात आई कि लोगों तक सस्ता मोबाइल पहुंचाया जाए। ये भी पढ़ें- 251 रुपए में स्मार्टफोन देने वाले मोहित गोयल हैं आठवीं फेल, पुलिस के सामने खुद किया कबूल

सिर्फ 50 लाख लोग थे टारगेट
पुलिस के मुताबिक मोहित गोयल ने उन्हें बताया कि अपनी रिसर्च में उन्होंने पाया कि देश में लगभग 1 करोड़ लोगों को पास कोई मोबाइल नहीं है। उन्होंने सोचा कि अगर वह इनमें से आधे लोगों (50 लाख) को भी मोबाइल फोन देने में सफल हो गए तो वह काफी पैसे कमा सकते हैं। रिसर्च से उन्हें पता चला कि भारत और चीन में मोबाइल फोन क्राइसिस लगभग 300 फीसदी है और इसी के बाद उन्होंने यह फोन लॉन्च करने के उद्देश्य से ताइवान की एक कंपनी से बात की।

तेजी से लोगों ने दी प्रतिक्रियाएं
इस फोन की लॉन्चिंग के बाद उन्हें लोगों की तरफ से 6 लाख प्रतिक्रियाएं मिलीं, जो लोग फोन खरीदना चाहते थे। महज 48 घंटों के अंदर ही यह संख्या 25 लाख तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक मोहित ने बताया कि पिछले साल भर के अंदर करीब 72000 मोबाइल फोन बेचे जा चुके हैं, लेकिन लाखों लोगों से पैसे लिए जा चुके हैं। ये भी पढ़ें- नोकिया 3310 से जुड़ी जानकारी लीक, जानिए किस रंग का होगा फोन और कैसी दिखेगी स्क्रीन

नुकसान होने पर कंपनी से झाड़ा पल्ला
जैसे ही मोहित के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने लगीं, तो उन्होंने धीरे-धीरे करके डिस्ट्रीब्यूटर्स के पैसे लौटाने शुरू कर दिया, लेकिन पिछले कुछ महीनों में कंपनी को भारी नुकसान होने लगा, इसलिए उन्होंने खुद को कंपनी से अलग कर लिया। मोहित और उनकी पत्नी ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया और कंपनी अपने छोटे भाई के नाम कर दी। आपको बता दें कि लॉन्च के समय मोहित गोयल ने 'डिजिटल इंडिया' अभियान के तहत लोगों से पैसे जमा करने चाहे, लेकिन बाद में सरकार ने यह साफ कर दिया कि इस कंपनी का सरकार से कोई लेना-देना नहीं है।












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