हिंदुजा ग्रुप की मुंबई से हुई थी शुरुआत, इरान होते हुए पहुंचे लंदन, आज ब्रिटेन के सबसे अमीर कारोबारी
नई दिल्ली। दुनिया के बड़े कारोबारियों में गिने जाने वाले कारोबारी हिंदुजा ब्रदर्स इन दिनों चर्चा में हैं। इसकी वजह है इन भाईयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद। लंदन में रहने वाले प्रवासी भारतीय हिंदुजा भाईयों में एक लेटर की वजह से संपत्ति को लेकर शुरू हो गया है। हिंदुजा परिवार की 11.2 अरब डॉलर (करीब 83 हजार करोड़ रुपये) की संपत्ति को लेकर विवाद है। साल 2014 में लिखे गए इस लेटर में लिखा है कि, एक भाई के पास जो भी दौलत है, वह सभी भाईयों की है। अब इस लेटर पर 84 साल के श्रीचंद हिंदुजा और उनकी बेटी विनू ने एतराज जताया है और हिंदुजा ग्रुप के भाइयों का संपत्ति को लेकर विवाद इंग्लैंड के उच्च न्यायालय में पहुंच गया है।
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कौन हैं ब्रिटेन के अरबपतियों में शामिल हिंदुजा ब्रदर्स
लंदन में रहने वाले प्रवासी भारतीय हिंदुजा ब्रदर्स में चार भाई श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा हैं। सबसे बड़े 84 वर्षीय श्रीचंद परमानंद हिंदुजा, उनसे छोटे 80 साल के जी पी हिंदुजा, उनके बाद 75 वर्षीय पीपी हिंदुजा और सबसे छोटे 69 साल के एपी हिंदुजा हैं। हिंदुजा ब्रदर्स का ब्रिटेन, भारत समेत सहित दुनिया के कई देशों में बिजनेस है। यह समूह 40 देशों में फाइनेंस, हेल्थकेयर, ऑइल, गैस, बैंकिंग, आईटी, रियल एस्टेट और मीडिया जैसे कई तरह के कारोबार करता है। बड़ी ट्रक कंपनी अशोक लीलैंड हिंदुजा समूह की ही है। हिंदुजा परिवार दुनिया के टॉप अमीरों की फोर्ब्स की सूची में शामिल रहता है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स में हिंदुजा परिवार की संपत्ति 11.2 अरब डॉलर बताई गई है।

पिता मुंबई से इरान और फिर पहुंचे इंग्लैंड
हिंदुजा ग्रुप का काम चार भाई श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक सांभालते हैं। कारोबार की शुरुआत इनके पिता परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने की थी। साल 1914 में परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने मुंबई में हिंदुजा ग्रुप की शुरुआत की। इसके बाद 1919 में वो ईरान पहुंचे और वहां अपना कारोबार शुरू किया। कुछ समय बाद यूरोप में अपने कदम जमाने शुरु किए। परमानंद दीपचंद का 1971 में निधन हो गया। पिता की मृत्यु के बाद चारों भाइयों ने बिजनेस को बढ़ाया।

चारों भाई ऐसे संभालते हैं काम
हिंदुजा ग्रुप के दो भाई श्रीचंद और गोपीचंद 1979 में एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए ब्रिटेन गए। ग्रुप की कमान 83 वर्षीय श्रीचंद और 79 वर्षीय गोपीचंद हिंदुजा के हाथ में ही है। दोनों ब्रिटिश नागरिक हैं और लंदन में ही रहते हैं। तीसरे भाई प्रकाश जेनेवा और स्विट्जरलैंड का बिजनेस देखते हैं। सबसे छोटे अशोक भारत में कारोबार संभालते हैं। चारों भाईयों के बच्चे भी बिजनेस में हैं और अलग-अलग काम देखते हैं। ग्रुप का मुख्यालय लंदन में है।

लंदन के सबसे अमीर बिजनेसमैन
हिंदुजा बंधु 2019 में तीसरी बार ब्रिटेन के सबसे अमीर व्यक्ति बने थे। संडे टाइम्स की रिच लिस्ट के मुताबिक, उनकी संपत्ति एक साल में 1.356 बिलियन पाउंड (12 हजार 270 करोड़ रुपए) बढ़ी। संडे टाइम्स की 2014 और 2017 की लिस्ट में भी दोनों भाई पहले नंबर पर रहे थे।

भाईयों में विवाद की वजह
कारोबारी समूह हिंदुजा ग्रुप के भाइयों का संपत्ति को लेकर विवाद इंग्लैंड के उच्च न्यायालय में बड़े भाई 84 वर्षीय श्रीचंद परमानंद हिंदुजा लेकर गए हैं। उन्होंने तीनों छोटे भाइयों पर मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा दो जुलाई, 2014 के पत्र की वैधता को लेकर में है। पत्र में कहा गया है कि किसी एक भाई के नाम पर संपत्ति में चारों भाइयों का हिस्सा होगा। श्रीचंद परमानंद हिंदुजा ने अपनी अपील में इन दस्तावेजों को कानूनी रूप से अप्रभावी घोषित करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह दस्तावेज ना तो वसीयत, ना पावर ऑफ अटॉर्नी और नी ही किसी अन्य बाध्यकारी दस्तावेज के रूप में मान्य होना चाहिए। इसके अलावा इस दस्तावेज के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी निर्देश देने की अपील की गई है।
पढ़ें- एक लेटर ने हिंदुजा भाईयों में खड़ा किया विवाद, दांव पर 83 हजार करोड़ रुपये












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