अडानी के बाद अब इस अमेरिकी कंपनी पर फूटा हिंडनबर्ग रिसर्च का बम
शॉर सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप के बाद अब अमेरिकी कंपनी पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। अमेरिकी कंपनी इकन इंटरप्राइजेज पर हिंडनबर्ग रिसर्च ने आंकड़ों के साथ फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है।

'हिंडनबर्ग रिसर्च एक बार फिर से सुर्खियों में है। जिस तरह से गौतम अडानी की कंपनियों को लेकर कंपनी ने कई बड़े दावे किए थे उसकी वजह से अडानी ग्रुप के कई शेयर बुरी तरह से क्रैश हो गए थे। अब कंपनी ने अमेरिकी कंपनी इकन इंटरप्राइजेज को लेकर बड़ा दावा किया है।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने इकान इंटरप्राइजेस को लेकर दावा किया है कि कंपनी के एक्टिविस्ट निवेशक कार्ल इकन की इसमे बहुत कम हिस्सेदारी है, लेकिन इस कंपनी को यही चला रहे हैं। आईईपी यूनिट्स के मुल्यांकन में गलत तरह से कंपनी को 75 फीसदी अधिक दिखाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कंपनी के शेयर में इसका असर दिखाई देगा। बता दें कि रिपोर्ट के सामने आने के बाद कंपनी के शेयर 5.4 फीसदी नीचे गिर गए हैं। कंपनी के शेयर में दिन का कारोबार खत्म होने तक 20 फीसदी टूट गए।
कंपनी के शेयर की कीमत 38.10 डॉलर तक पहुंच गए हैं। यह 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। अगर कंपनी के 52 हफ्तों के हाई लेवल की बात करें तो इसकी तुलना में शेयर 55.55 फीसदी टूट गए हैं।
इकन इंटरप्राइजेज का मार्केट कैप 18 अरब डॉलर का है। यह होल्डिंग कंपनी है। इसमे एक्टिविस्ट इन्वेस्टर कार्ल इकन और उनके बेटे ब्रेट की 85 फीसदी हिस्सेदारी है। हिंडनबर्ग रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के एनएवी का प्रीमियम काफी अधिक है।
कंपनी ने निगेटिव ग्रोथ दिखाने के बाद भी 2014 से तीन बार डिविडेंट दिया है। कंपनी ने अपने लाभांश को लगातार बढ़ाकर दिखा। कंपनी पुराने निवेशकों का पैसा देने के लिए नए निवेशकों के लाभांश का इस्तेमाल कर रही है।
गौर करने वाली बात है कि हिंडनबर्ग अब तक 2017 के बाद से 18 कंपनियों में गड़बड़ी का खुलासा कर चुकी है। इससे पहले अडानी ग्रुप, ट्विटर इंक, ब्लॉक पर भी कंपनी ने सवाल खड़े किए थे। कंपनी के खुलासे की वजह से कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।












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