Adani Bribe Row: घूस अगर भारत में देने का आरोप तो अमेरिका में क्यों दर्ज हुआ केस, जानिए वजह
Adani Bribe Row: उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका में गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है। उनपर आरोप है कि उन्होंने भारत में घूस दी है, उन्होंने अमेरिकी निवेशकों को धोखा दिया है। एक बड़ा सवाल आपके मन में यह जरूर उठ रहा होगा कि अगर अडानी पर भारत में अधिकारियों को घूस देने का आरोप है तो आखिर उनके खिलाफ अमेरिका में अरेस्ट वारंट क्यों जारी हुआ है।
इसका सीधा जवाब यह है कि अमेरिकी सरकार के दो बहुत ही अहम विभाग हैं, एक है डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और दूसरा सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC)। ये दोनों विभाग सरकारी वकील के साथ न्यूयॉर्क की कोर्ट में पहुंचे और कोर्ट में कहा कि अडानी ग्रुप कुछ समय पहले अमेरिका में आया था।

अमेरिकी निवेशकों को गलत आश्वासन
इस ग्रुप की ओर से अमेरिकी निवेशकों को आश्वासन दिया गया था कि आप हमारी कंपनी में निवेश करिए आपको अच्छा रिटर्न मिलेगा। कंपनी की ओर से बॉन्ड भी जारी किए गए। बॉन्ड की बात करें तो मान लीजिए कंपनी की ओर से निवेशकों को कहा गया कि आप हमारी कंपनी में 10-20 या 30 मिलियन डॉलर दे दीजिए, हम आपको हर वर्ष 7-8 फीसदी का रिटर्न देंगे।
अमेरिकी एजेंसी का तर्क
लेकिन अमेरिकी सरकार का कहना है कि अडानी ने भारत में भ्रष्टाचार किया है, सरकारी कर्मचारियों को घूस दी है। ऐसे में भारत में इनके खिलाफ कभी भी कार्रवाई शुरू हो सकती है, इनके स्टॉक कभी भी गिरने शुरू हो सकते हैं, जिससे अमेरिकी निवेशकों को भी नुकसान होगा। यही वजह है कि गौतम अडानी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया गया है।
सिर्फ आरोप लगे हैं
इस पूरे मामले में अभी तक गौतम अडानी को दोषी साबित नहीं किया गया है। उनपर सिर्फ आरोप लगे हैं। अडानी ग्रुप की ओर से भी जो बयान जारी किया गया है, उसमे कहा गया है कि जब तक दोषी साबित नहीं हो जाते हैं, हम निर्दोष हैं।
अमेरिकी सरकार ने लगाए आरोप
अमेरिकी सरकार के सरकारी वकील ने कोर्ट में कुछ सबूत रखे और इस मामले में केस दर्ज करने की बात कही। जिसके बाद कोर्ट में गौतम अडानी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आरोप लग चुके हैं।
ट्रंप के साथ ही ऐसा हुआ
कुछ इसी तरह का मामला डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुआ था, उनके खिलाफ भी कोर्ट में आधिकारिक तौर पर आरोप लगाए गए थे, इसे ही इंडाइटमेंट (Indictment) कहते हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप दोषी साबित नहीं हुए थे।
दरअसल अमेरिकी कोर्ट में जब किसी के खिलाफ कोई सबूत पेश किए जाते हैं तो पहले यह तय किया जाता है कि क्या इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आरोप लगाए जा सकते हैं या नहीं।
आधिकारिक तौर पर आरोप तय होने के बाद आरोपी के खिलाफ ट्रायल शुरू होता है। कुछ यही गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका में हुआ है।
राहुल ने की गिरफ्तारी की मांग
अमेरिका में गौतम अडानी को आरोपी बनाए जाने के बाद राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मांग की है कि गौतम अडानी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। आखिर कैसे वो भारत में आजाद घूम रहे हैं। गौर करने वाली बात है भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण समझौता है।
यानि दोनों ही देश किसी आरोपी को अपने देश में प्रत्यर्पित करने की मांग कर सकते हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी खुलकर कह रहे हैं कि गौतम अडानी पर 2000 करोड़ का घोटाले का आरोप है, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।












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