Crude Oil: सरकार ने कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर को किया शून्य, क्या पेट्रोल, डीजल के दाम पर पड़ेगा असर
सरकार ने कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर को शून्य कर दिया है। आइए जानते हैं कि क्या इससे पेट्रोल-डीजल के दामों पर असर पड़ेगा या नहीं?

सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार भारत ने कच्चे तेल के सभी अप्रत्याशित करों में कटौती की है। 3,500 रुपये ( द (यूएसडी 5.8 प्रति बैरल) प्रति टन से सभी अप्रत्याशित कर में कटौती की है।
विंडफॉल टैक्स को पहले के 1 रुपये से घटाकर 0.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। केवल डीजल पर अप्रत्याशित कर लगता है, जबकि कच्चे तेल, एटीएफ और पेट्रोल पर ऐसा कोई शुल्क नहीं लगेगा।
कॉर्पोरेट रेटिंग्स एजेंसी ICRA लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख सब्यसाची मजूमदा ने बताया कि बीते 21 मार्च को Special Additional Excise Duty-SAED में अंतिम संशोधन के करीब था, इसलिए इस बार एक्ससईज ड्यूटी में कमी की गई है।
भारत ने जुलाई में कच्चे तेल के उत्पादकों पर विंडफॉल टैक्स लगाया था और निजी रिफाइनरों की इच्छा के बाद तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) जैसी कंपनियों द्वारा उत्पादित कच्चे तेल पर पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन के निर्यात पर लेवी लगाई थी।
बता दें कच्चे तेल को जमीन से बाहर निकाला जाता है और समुद्र के नीचे से परिष्कृत किया जाता है और पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) जैसे ईंधन में परिवर्तित किया जाता है।
पिछले दो हफ्तों में तेल की औसत कीमतों के आधार पर कर दरों की समीक्षा की जाती है। भारत सरकार 75 डॉलर प्रति बैरल की सीमा से ऊपर मिलने वाली किसी भी कीमत पर तेल उत्पादकों द्वारा किए गए अप्रत्याशित मुनाफे पर कर लगाती है।
लायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जो गुजरात के जामनगर में दुनिया के सबसे बड़े एकल-स्थान तेल रिफाइनरी परिसर का संचालन करती है, और रोसनेफ्ट-समर्थित नायरा एनर्जी देश में ईंधन के प्राथमिक निर्यातक हैं।
हालांकि विशेषज्ञ के अनुसार कच्चे तेल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स का असर भारत में पेट्रोल, डीजल के दाम पर नहीं पड़ेगा क्योंकि ये टैक्टस सिर्फ निर्यात के लिए इस्तेमाल किए गए कच्चे तेल पर लगता है।












Click it and Unblock the Notifications