500 रुपए के नोटों की छपाई बंद, अब पूरा फोकस 200 के नोट पर
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद मध्य प्रदेश के देवास की बैंक नोट प्रेस ने 500 रुपए के नोटों को खूब तेजी से छापा। अब भारतीय रिजर्व बैंक ने उस प्रेस को आदेश दिया है कि वह 500 रुपए के नोटों की छपाई बंद करे और 200 रुपए के नोटों को छापने पर अपना फोकस बढ़ाए। इस आदेश के बाद अब 500 रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी गई है।

40 करोड़ नोट छपेंगे
इस साल बैंक नोट प्रेस (देवास) को भारतीय रिजर्व बैंक ने 200 रुपए के 40 करोड़ नोट छापने का टारगेट दिया है। बैंक नोट प्रेस को यह नोट 31 मार्च 2018 तक छापने हैं। सूत्रों के अनुसार 500 रुपए के पर्याप्त नोट छापे जा चुके हैं, इसलिए अब छोटे नोटों की छपाई पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है और 500 रुपए के नोटों की छपाई को बंद किया जा रहा है। बैंक नोट प्रेस में फिलहाल 200 और 20 रुपए के नोटों की छपाई शुरू कर दी गई है। इसके बाद सरकार 50 और 10 रुपए के नोट भी छापेगी।

खास है 200 का नोट
ऐसा पहली बार है जब भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से 200 का नोट जारी किया गया है। इस नए नोट पर गवर्नर ऊर्जित आर पटेल के हस्ताक्षर हैं। इस नोट में दो खास बातें हैं। पहला तो ये कि यह नोट चटक पीले रंग (Bright Yellow) का है और दूसरा ये कि इस नोट के पिछले हिस्से में सांची स्तूप की आकृति बनी है।

200 का नोट लाने की 5 वजहें
1- 200 रुपए का यह नोट लाने का मुख्य कारण यह है कि इससे आम आदमी को लेन-देन में आसानी होगी।
2- इस नोट से नकली नोटों की समस्या से भी निपटा जा सकेगा।
3- यह नोट मिसिंग लिंक को पूरा करने के लिए जारी किया गया है। इस समय 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 500 और 2000 के नोट बाजार में है, उनमें 200 रुपए का नोट एक मिसिंग लिंक है। जिस तरह से 1 और 5 रुपए के बीच 2 रुपए एक लिंक है, उसी तरह से 100 और 500 रुपए के नोट के बीच में 200 रुपए की जरूरत महसूस की गई है।
4- भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट के अनुसार इस नोट के जरिए महंगाई से भी निपटने में मदद मिलेगी।
5- RBI के नोटिफिकेशन के अनुसार, इन नोटों की मदद से छोटी करंसी के कटे-फटे नोटों को बदलने में भी मदद मिलेगी।












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