Gold ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड, खरीदारी से पहले जानें सोने पर कितना लगता है टैक्स
Gold ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड, खरीदारी से पहले जानें सोने पर कितना लगता है टैक्स
नई दिल्ली। सोने की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। वहीं चांदी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। सोना 50220 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया तो वहीं चांदी की कीमत 60043 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। आपको बता दें कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सोने की कीमत 50 हजार के आंकड़े को पार कर गया है। इस साल में 6 महीने में ही सोने के दामों में लगभग 25 फीसदी तक की तेजी आ चुकी है। अगर आप सोने की खरीदारी करना चाहते हैं या सोने में निवेश करना चाहते हैं तो उससे पहले कुछ बातों के बारे में जानना भी जरूरी है। सोना खरीदने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि सोने पर कितना टैक्स और कब, कहां देना पड़ता है? सोने में निवेश से पहले इन बातों के बारे में जरूर जान लें।

सोने पर लगता है टैक्स
सोने की खरीदारी से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि आपको टैक्स का भी भुगतान करना होता है। सोने की कीमतें बाजार में ज्वेलरी के वजन और कैरेट से हिसाब से अलग होती हैं, लेकिन सोने की ज्वेलरी की खरीदारी करने पर आपको सोने की मार्केट वैल्यू के अलावा मेकिंग चार्ज पर 3 फीसदी का गुड्स एंड सर्विस टैक्स देना पड़चा है। आप चाहे जिस मोड से गोल्ड ज्वेलरी का पेमेंट करें आपको 3 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना ही होगा।

खरीदने के अलावा सोना बेचने पर भी लगता है टैक्स
आपको बता दें कि सोना खरीदने के अलावा आपको सोना बेचने पर भी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। सोना बेचते वक्त आपको इस बात की गणना की जाती है कि ज्वेलरी आपके पास कितने वक्त से थी। उसी के मुताबिक टैक्स कैलकुलेट किया जाता है। आपको इसी के मुताबिक सोने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। आपको बता दें कि अगर आपने सोना खरीदने के 3 साल के अंदर ही बेच दिया तो आपको शॉर्ट टर्म लेन टैक्स का भुगतना करना होगा। अगर सोना खरीदने के 3 साल के बाद आप उसे बेचते हैं तो आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेनसे टैक्स भरना होगा।

सोना खरीदते वक्त रखें होलमार्क का ध्यान
सोना खरीदते वक्त हॉलमार्क को ध्यान जरूर रखें। सोने की खरीदारी से पहले इसे देखना जरूरी है, क्योंकि ये सोने की शुद्धता का प्रमाण होता है। सरकार ने इस बारे में नियम निश्चित कर दिया है, जिसके मुताबिक 15 जनवरी 2021 से सिर्फ हॉलमार्क वाले आभूषण और कलाकृतियां ही बिक पाएंगी। ऐसा नहीं करने वालों को भारी जुर्माना हो सकता है और जेल भी जाना पड़ सकता है। आपको बता दें कि हॉलमार्किंग से ज्वैलरी में कितना सोना लगा है और दूसरे मेटल कितने हैं इसके अनुपात का सटीक निर्धारण और आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। नए नियमों के तहत अब सोने की जूलरी की हॉल मार्किंग होना अनिवार्य होगा। इसके लिए ज्वैलर्स को लाइसेंस लेना होगा।












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