Gold Hallmarking : हॉलमार्किंग को लेकर ज्वैलर्स नाराज, देशभर के सर्राफा संघों ने किया हड़ताल
Gold Hallmarking : हॉलमार्किंग को लेकर ज्वैलर्स नाराज,सर्राफा संघों ने किया हड़ताल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इसी साल जून से गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया। नए नियम के मुताबिक कोई भी ज्वैलर्स बिना गोल्ड हॉलमार्किंग के सोना नहीं बेच सकेगा तो वहीं ज्वैलर्स सरकार के फैसले स नाराज है। गोल्ड हॉलमार्किंग को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आज देशभर के सर्राफा संघों न एक दिन की हड़ताल बुलाई । देशभर के 350 सर्राफा संघों ने आज गोल्ड हॉलमार्किंग के खिलाफ हड़ताल किया और अपना विरोध जताया। सर्राफा बाजार का कहना है कि मांग के हिसाब से हॉलमार्किंग केंद्र नहीं है, जिसक कारण उन्हें हॉलमार्क के लिए लंबी प्रतिक्षा करनी पड़ रही है। जिसके चलते कारोबार पर असर पड़ रहा है।

आपको बता दें कि देशभर में अब तक 1.17 करोड़ ज्वेलरी की हॉलमार्किंग हो चुकी है। ज्वैर्लस भी इस गंभीरता से ले रहे और तेजी से हॉलमार्किंग की जा रही है। वहीं हॉलमार्किंग के लिए भेजी जाने वाली ज्वैलरी की संख्या तीन गुना तक बढ़ी है। वहीं ज्वैलर्स इस बात से परेशान हैं कि उन्हें हॉलमार्किंग में परेशानी हो रही है और उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
गौरतलब है कि पहले हॉलमार्किंग स्वैच्छिक थी, यानी ज्वैलर्स चाहे तो हॉलमार्किंग करवा सकते थे, लेकिन जून में सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया। बीआईएस के मुताबिक हॉलमार्किंग का शुल्क प्रति ज्वेलरी महज 35 रुप रखा गया है। अब ज्वैलर्स को बिना हॉलमार्किंग वाले गहने नहीं बेच सकेंगे। बीआईएस सोने पर हॉलमार्किंग का निर्यंत्रण करता है। हॉलमार्क सोने की शुद्धता को निर्धारित करती है। आपको बता दें कि हॉलमार्क वाली ज्वैलरी को बेचने पर ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज क अलावा कोई चार्ज नहीं काट सकता है। वहीं BIS हॉलमार्क मार्क लगा सोना शुद्धता की गारंटी होती है।












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