वित्त मंत्रालय ने पीएसी को बताया-नोटबंदी के बाद 53 दिनों में नहीं पकड़ा गया एक भी जाली नोट
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी का फैसला लेते हुए कहा था कि इसकी मदद से हमें जाली नोटों को रोकने और आतंकवादियों को होने वाली फंडिंग को खत्म करने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी का फैसला लेते हुए कहा था कि इसकी मदद से हमें जाली नोटों को रोकने और आतंकवादियों को होने वाली फंडिंग को खत्म करने में मदद मिलेगी। पर वित्त मंत्रालय ने संसद की लोक लेखा समिति को जो जवाब दिया है, उसके मुताबिक 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक कोई भी जाली नोट सरकारी एजेंसियों की पकड़ में नहीं आया था। जबकि इस दौरान इनकम टैक्स और अन्य सरकारी एजेसियों ने 474.37 करोड़ रुपए के नए और पुराने नोट पकड़े थे। साथ ही वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि उसे यह नहीं पता है कि 9 नवंबर 2016 और 4 जनवरी 2017 के बीच जो रुपए पकड़े गए, वह आतंकवादियों समूहों या फिर तस्करों से पकड़े गए हैं।

वित्त मंत्रालय ने पीएसी को बताया कि वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2016 में अघोषित आय की घोषणा करने वालों की संख्या में 51 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान प्रत्यक्ष कर में 12.01 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और आयकर संग्रह में 14.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं कॉरपोरेट इनकम टैक्स में 10.6 फीसदी की तेजी आई है। वहीं अग्रिम टैक्स में 38.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।












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