EPF Interest Rate: घट सकती है पीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है, लाखों लोगों के रोजगार चले गए हैं और विकास की रफ्तार एकदम सुस्त पड़ गई है। ऐसे में सुस्त अर्थव्यवस्था का असर हर प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर दोनों में देखने को मिल रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानि ईपीएफओ भी ब्याज की दरों में कटौती की तैयारी कर रहा है। जिस तरह से वित्तीय वर्ष 2020 में निवेश पर प्रतिफल की कमी आई और नगदी प्रवाह कम हुआ उसके बाद माना जा रहा है कि ईपीएफओ अपने 60 लाख ग्राहकों के बचत भुगतान की दरों में कटौती करते हुए इसे 8.5 फीसदी से भी कम कर सकता है।

नई ब्याज दरों का होगा जल्द ऐलान
बता दें कि ब्याज दरों का निर्धारण वित्तीय वर्ष 2020 में हुई कमाई के आधार पर किया गया था, लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ग्राहकों का भुगतान किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार ईपीएफओ की फाइनेंस, इन्वेंस्टमेंट एंड ऑडिट कमेटी जल्द ही बैठक करेगी और ब्याज के भुगतान को अदा करने की स्थिति का आंकलन करेगी। मार्च के पहले हफ्ते में ईपीएफओ की ओर से कहा गया था कि ब्याज दर 8.5 फीसदी होगी, लेकिन अभी तक वित्त मंत्रालय की ओर से इसे मंजूरी नहीं दी गई है। श्रम मंत्रालय ब्याज दरों की घोषणा तभी कर सकता है जब वित्त मंत्रालय इसपर अपनी मुहर लगा दे।

सरकार ने दी थी कई राहत
गौरतलब है कि कोरोना संकट के चलते सरकार ने मार्च माह के बाद पीएफ को लेकर कई सिलसिलेवार राहत पैकेज का ऐलान किया है। जिससे कि कर्मचारी और कंपनी दोनो पर कोरोना का कम से कम असर पड़े। तीन महीने के लिए पीएफ में हिस्सेदारी को सरकार ने कर्मचारी और कंपनी दोनों के लिए 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है। ऐसे में कर्मचारी और कंपनी दोनों की पीएफ में हिस्सेदारी कम होने की वजह से माना जा रहा है कि ईपीएफओ ब्याज की दरों में कटौती कर सकता है।

नियमों को किया गया आसान
इससे पहले नौकरीपेशा लोगों को श्रम मंत्रालय ने बड़ी राहत देते हुए पीएफ क्लेम के नियमों का आसान किया था। सरकार ने EPFO के किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से किए गए दावों का निपटारा करने की अनुमति दे दी थी। सरकार के नए फैसले के बाद भविष्य निधि, पेंशन, आंशिक निकासी और दावों और ट्रांसफर जैसे कामों के लिए आपको भागने की जरूरत नहीं है। आप ऑनलाइन दावों का निपटारा कर सकते हैं। सरकार के नए फैसले के मुताबिक पीएफ क्लेम सेटलमेंट अब देशभर के किसी भी ऑफिस में किया जा सकेगा। सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से ये फैसला लिया था।












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