आर्थिक सलाहकार परिषद ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में GDP के 7-7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया
आर्थिक सलाहकार परिषद ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में GDP के 7-7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में जीडीपी के 7-7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। प्रधनमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की आज हुई अहम बैठक में चर्चा के बाद ये अनुमान लगाया गया है। इस बैठक में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा हुई, जिसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 के आर्थिक ग्रोथ को लेकर अनुमान लगाया गया है।

काउंसिल की तरफ से जारी बयाव में कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट इंटेंसिव सेक्टर और कंस्ट्रैक्शन सेक्टर में रिवकरी होगी। वहीं निजी निवेश में भी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। इसी सब बातों के आधार पर अगले वित्तीय वर्ष में जीडीपी 7 से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान हैं। इसके अलावा रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढाकर 7.9 फीसदी कर दिया है. रेटिंग एजेंसी ने सितंबर में सरकारी खर्च में आए उछाल को देखते हुए ये फैसला किया है।
आपको बता दें कि पहले इक्रा ने ये अनुमान 7.7 फीसदी लगाया था, जिसे अब बढ़ाकर 7.9 फीसदी कर दिया गया है। इसक अलावा केंद्रीय बैंक आरबीआई ने वित्त वर्ष 2022 में 9.5 फीसदी पर ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इसक अलावा रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।












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