खुदरा महंगाई के साथ-साथ औद्योगिक उत्पादन भी घटा
नई दिल्ली। मई और जून में उछाल के बाद जुलाई में भी देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.4 की फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। औद्योगिक क्षेत्र में गिरावट का मुख्य कारण मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में होने वाली गिरावट से पडा है।

मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 3.4 फीसदी की बडी गिरावट के चलते औद्योगिक उत्पादन में इतनी भारी गिरावट दर्ज की गई है। एक तरफ सरकार को झटका लगा तो दूसरी तरफ खुदरा महंगाई दर में अगस्त माह के दौरान 1.02 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
जुलाई में खुदरा महंगाई दर 6.07 फीसदी थी और अगस्त माह में यह दर 5.05 फीसदी के स्तर पर आ गई है।
औद्योगिक उत्पादन में कमी केंद्र सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींच सकता है। औद्योगिक उत्पादन में गिरावट कोई अच्छा संकेत नहीं है।
केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन में 3.4 फीसदी की भारी गिरावट का सामना करना पड़ा। वहीं, खनन सेक्टर में भी 0.8 फीसदी की मामूली कमी देखने को मिली है। देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का सबसे ज्यादा योगदान रहता है।
खाद्य उत्पादों के दामों में कमी के चलते अगस्त खुदरा महंगाई दर में कमी आई है। खासतौर पर सब्जियों के दामों में कमी के चलते यह गिरावट देखने को मिली है। इन आंकड़ों के चलते आरबीआई के नए गवर्नर उर्जित पटेल 4 अक्टूबर को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने ऐसी उम्मीद जताई है।
खाद्य महंगाई दर 5.91 फीसदी पहुंच गई, जबकि सब्जियों की कीमत में 1.02 फीसदी की कमी आई। वहीं, जुलाई में 14 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी।
आर्थिक मामलों के सचिव शशिकांता दास ने कि खुदरा महंगाई की दर उम्मीद के मुताबिक रही है। उन्होंने कहा अब ब्याज दरों में कटौती को लेकर अंतिम निर्णय आरबीआई गवर्नर को ही करना है।












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