अपनी ही कंपनी से बाहर हो सकते हैं BYJU's के फाउंडर रवींद्रन, स्टेकहोल्डर्स ने दिखाए तेवर
बायजूस कंपनी जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों से बेहद तेजी से आगे बढ़ी और दुनियाभर में कंपनी ने अपने बिजनेस का विस्तार किया, उसी रफ्तार से पिछले कुछ समय से कंपनी नीचे की ओर जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि बायजूस के शेयर होल्डर्स अब कंपनी के सीईओ और फाउंडर रवींद्रन को ही बाहर का रास्ता दिखाना चाहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार तकरीबन 6 शेयर होल्डर्स चाहते हैं कि फाउंडर रवींद्रन को कंपनी से बाहर किया जाएगा।
एड टेक कंपनी बायजूस पिछले कुछ समय से बडे़ वित्तीय संकट से गुजर रही है, जिसे देखते हुए ये शेयर होल्डर्स चाहते हैं कि कंपनी के फाउंडर को बाहर किया जाए।बायजूस की जनरल मीटिंग के दौरान बायजूस के निवेशकों ने अपील की है कि फाउंडर रवींद्रन को अहम पद से बाहर किया जाए जिससे कि वह निर्णायक फैसले ना ले सके।

डच इन्वेस्टर्स फर्म परोसस ने ईजीएम में नोटिस देकर अपील की है कि बकाया प्रशासन, वित्तीय अनियमितता और अनुपालन के मसलों के समाधान और बोर्ड के डायरेक्टर के पुनर्गठन किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव पास किया जाए।
फाउंडर को अहम पद से हटाने के प्रस्ताव का जनरल अटलांटिक, पीक एक्वी, सोफिना, चैन जुकरबर्ग, ओवरल सैंड्स ने समर्थन किया है। इन सभी शेयरहोल्डर्स के पास कंपनी का तकरीबन 30 फीसदी हिस्सा है।
इन शेयरधारकों ने को फाउंडर और सीईओ रवींद्रन को उनके पद से जल्द से जल्द हटाने की मांग की है।
एड टेक कंपनी बाजयूस मार्च 2022 को 22 मिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर पहुंच गया था। जब ऑनलाइन शिक्षा की मांग अपने चरम पर थी, इसकी बड़ी वजह कोरोना महामारी थी। लेकिन कंपनी अपने बढ़ते कर्ज को संभाल नहीं पाई और कंपनी के बकायादारों का दबाव बढ़ता रहा।
पिछले हफ्ते कंपनी के बकायादारों ने 1.2 बिलियन डॉलर के लोन की वापसी के लिए दिवालिया याचिका दायर की है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह 200 मिलियन डॉलर के नए शेयर बेचना चाहती है। ऐसे में इस तरह के कदम से कंपनी की मूल्यांकन में 90 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
यही वजह है कि निवेशक चाहते हैं कि बोर्ड में त्वरित बदलाव किया जाए, शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव किया जाए। ऐसे में कंपनी के फाउंडर रवींद्रन के लिए हालात काफी मुश्किलभरे नजर आ रहे हैं।
बायजूस ने हाल ही में अपने फाइनेंशिय रिजल्ट को जारी किया था, जिसे 22 महीनों की देरी के बाद जारी किया गया था। इसमे 6679 करोड़ रुपए का वित्त वर्ष 2022 में घाटा दिखाया गया है, इसकी बड़ी वजह है कि कंपनी की दूसरी सब्सिडरी व्हाइट हैड जूनियर और ओस्मो को हुआ नुकसान।












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