Budget 2026 में नौकरीपेशा को बड़ा सरप्राइज? टैक्स से लेकर स्टैंडर्ड डिडक्शन तक मोदी सरकार का पूरा प्लान

Budget 2026: बजट को लेकर मिडिल क्लास की धड़कनें तेज हैं। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब संसद में बजट पेश करेंगी, तो सबसे ज्यादा निगाहें नौकरी करने वालों पर टिकी होंगी। महंगाई के दबाव, बढ़ते खर्च और सीमित बचत के बीच सवाल यही है-क्या इस बार सैलरी क्लास को सच में राहत मिलेगी या उम्मीदें फिर अधूरी रह जाएंगी।

सरकारी संकेत और टैक्स एक्सपर्ट्स की राय बताती है कि इस बार बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है, जो सीधे-सीधे लाखों नौकरीपेशा लोगों की जेब पर असर डालेगा।

Budget 2026
Photo Credit: (ये तस्वीर AI से बनाई गई है)

स्टैंडर्ड डिडक्शन क्यों है मिडिल क्लास के लिए सबसे अहम? (Standard Deduction in Budget 2026)

स्टैंडर्ड डिडक्शन नौकरीपेशा और पेंशन पाने वालों के लिए सबसे आसान टैक्स राहत होती है। इसमें कोई निवेश, कोई बिल या कोई प्रूफ नहीं देना पड़ता। आपकी कुल सैलरी से यह रकम सीधे घट जाती है और उसी के बाद टैक्स की गणना होती है।

यही वजह है कि मिडिल क्लास इस कटौती को हर बजट में सबसे पहले देखता है। खबर है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन को 1 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये तक कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह बीते कई सालों की सबसे बड़ी राहत मानी जाएगी।

अभी कितना मिलता है स्टैंडर्ड डिडक्शन? (Old tax regime vs new tax regime)

  • फिलहाल इनकम टैक्स की दो व्यवस्थाएं हैं-पुरानी और नई।
  • पुराने टैक्स सिस्टम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये है।
  • नए टैक्स सिस्टम में इसे 2024 में बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया था।

सरकार लगातार नए टैक्स सिस्टम को बढ़ावा दे रही है, क्योंकि इसमें स्लैब कम हैं और प्रोसेस आसान है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर कोई नई राहत दी जाती है, तो वह न्यू टैक्स रिजीम में ही होगी।

न्यू टैक्स रिजीम पर सरकार का फोकस क्यों? (New Tax Regime benefits)

मोदी सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा टैक्सपेयर्स को झंझट-मुक्त नए टैक्स सिस्टम की ओर लाना है। इसी दिशा में पिछले बजट में 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री किया गया था।

नौकरीपेशा लोगों को इसमें 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलकर टैक्स फ्री इनकम की सीमा 12.75 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। अगर इस बार स्टैंडर्ड डिडक्शन और बढ़ता है, तो सैलरी वालों के हाथ में और ज्यादा कैश आएगा।

12 लाख से ज्यादा सैलरी वालों के लिए क्या बदलेगा गेम? (Income tax calculation above 12 lakh)

नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय पर सेक्शन 87A के तहत टैक्स नहीं देना पड़ता। लेकिन जैसे ही आपकी आय इससे ऊपर जाती है, टैक्स लागू हो जाता है।

न्यू टैक्स स्लैब के मुताबिक 12 से 16 लाख रुपये की आय पर 15 फीसदी टैक्स का प्रावधान है। यानी 13 लाख की सैलरी होने पर आपको टैक्स देना पड़ेगा, लेकिन अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ता है तो टैक्स बोझ कुछ हल्का हो सकता है।

क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन को महंगाई से जोड़ना चाहिए? (Inflation linked standard deduction)

कई टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को महंगाई से जोड़ देना चाहिए। जैसे-जैसे महंगाई बढ़े, वैसे-वैसे यह कटौती अपने आप बढ़ती जाए। नए टैक्स सिस्टम में जहां 80C, HRA और दूसरी छूटें नहीं मिलतीं, वहां स्टैंडर्ड डिडक्शन ही मिडिल क्लास के लिए सबसे मजबूत सहारा बन सकता है।

Budget 2026 से मिडिल क्लास को क्या उम्मीद? (Middle class expectations from Budget 2026)

Budget 2026 मिडिल क्लास के लिए बेहद अहम है। अगर सरकार टैक्स राहत और संतुलित फैसले लेती है, तो इससे न सिर्फ सैलरी वालों की बचत बढ़ेगी, बल्कि बाजार में खर्च और भरोसा भी मजबूत होगा। अब सबकी नजरें 1 फरवरी पर टिकी हैं-क्या मोदी सरकार इस बार नौकरीपेशा वर्ग को सच में बड़ा सरप्राइज देगी या राहत सिर्फ उम्मीदों तक सीमित रह जाएगी।

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