Budget 2026 Reality Check: क्या सोचा था, क्या हो गया! बजट में ये 5 बड़े ऐलान सुनना चाहती थी जनता, पर हाथ खाली
Budget 2026 Reality Check: देश का आम बजट 2026 संसद में पेश हो चुका है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 85 मिनट के भाषण के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बजट आम आदमी की कसौटी पर खरा उतरा। सरकार इसे महिलाओं, किसानों, युवाओं और विकास केंद्रित बजट बता रही है, लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए तो कई मोर्चों पर जनता की उम्मीदें अधूरी रह गईं।
यही वजह है कि Budget 2026 को लेकर अब "रियलिटी चेक" शुरू हो गया है। ऐसे में आइए जानें उन पांच बड़ी उम्मीदों के बारे में, जो पब्लिक बजट में सुनना चाहती लेकिन सरकार ने उसमें कोई खास बदलाव नहीं किए हैं।

1️⃣ इनकम टैक्स में राहत नहीं (Income Tax Relief)
मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स को लेकर थी। पिछले बजट में नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया गया था। इस बार कयास लगाए जा रहे थे कि यह सीमा बढ़ाकर 14 लाख रुपये तक कर दी जाएगी। लेकिन बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। यानी नौकरीपेशा और सैलरी क्लास को सीधी राहत नहीं मिली।
2️⃣ नई टैक्स रिजीम पर भी कुछ नहीं (New Tax Regime Benefits)
नई टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बनाने की बात लंबे समय से हो रही थी। उम्मीद थी कि PPF, NPS और ELSS जैसी योजनाओं में निवेश पर छूट दी जाएगी। लेकिन सरकार ने इस दिशा में भी कोई कदम नहीं उठाया। ये सभी छूट अब भी सिर्फ पुराने टैक्स सिस्टम तक सीमित हैं। नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को यहां भी निराशा हाथ लगी।
3️⃣किसानों को भी कुछ नहीं (Farmers Budget Expectations)
किसानों को पीएम किसान योजना से बड़ी उम्मीद थी। चर्चा थी कि सालाना 6000 रुपये की मदद को बढ़ाकर 12000 रुपये किया जा सकता है। लेकिन बजट में इस योजना की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को लेकर भी कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ। किसानों के लिए यह एक बड़ा मिस मौका माना जा रहा है।
4️⃣सीनियर सिटीजन के भी हाथ खाली (Senior Citizen Benefits)
बुजुर्गों को उम्मीद थी कि रेलवे टिकट में रियायत, बीमा योजनाओं में सहूलियत और TDS में राहत जैसे कुछ ऐलान हो सकते हैं। लेकिन बजट में सीनियर सिटीजन के लिए कोई खास घोषणा नहीं हुई। रेलवे को लेकर सिर्फ नए कॉरिडोर की बात की गई, जबकि आम यात्री और बुजुर्गों की जेब पर सीधी मार जारी है।
5️⃣शेयर बाजार में निवेशकों को भी झटका (Stock Market Impact)
बजट ने शेयर बाजार निवेशकों को भी चौंका दिया। F&O ट्रेडिंग पर ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया गया, जबकि उम्मीद थी कि इसमें कटौती होगी। लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स में भी कोई राहत नहीं दी गई। नतीजा यह हुआ कि बजट के दिन बाजार में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिला।
▶️तो फिर बजट में बड़े ऐलान क्या रहे? (Major Budget Announcements)
निराशा के बीच सरकार ने कई बड़े फैसले भी गिनाए। इनकम टैक्स स्लैब में भले बदलाव नहीं हुआ, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। कैंसर की 17 दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को आयात शुल्क से मुक्त किया गया।
डिफेंस बजट में 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई और हथियारों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया। 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा हुई, जो बड़े शहरों को जोड़ेंगे। 3 आयुर्वेदिक AIIMS और 5 मेडिकल टूरिज्म हब बनाने का ऐलान भी किया गया।
इसके अलावा टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई। 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनेंगी और करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल तैयार किए जाएंगे।
▶️आखिर जनता क्यों कह रही है रियलिटी चेक? (Budget 2026 Reality Check)
कुल मिलाकर बजट 2026 में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस साफ दिखता है, लेकिन आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों पर सीधी राहत कम नजर आती है। यही वजह है कि लोग कह रहे हैं कि जो उम्मीद थी, वो पूरी नहीं हुई। बजट के बड़े दावे अपनी जगह हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या इससे आम परिवार की जेब सच में मजबूत होगी या फिर इंतजार अगले बजट तक ही करना पड़ेगा।












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