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Budget 2026 में शादीशुदा की लॉटरी? पति-पत्नी के लिए आ रहा ऐसा सिस्टम जो पहले कभी नहीं देखा गया, क्या है ये?

Budget 2026 Married Couples: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट पेश करेंगी। हर साल की तरह इस बार भी टैक्सपेयर्स की नजर आयकर से जुड़ी राहतों पर टिकी है। पिछले बजट में 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर सरकार ने मिडिल क्लास को बड़ा सरप्राइज दिया था।

अब बजट 2026 को लेकर एक और बड़ी चर्चा है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार शादीशुदा कपल यानी पति-पत्नी के लिए जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम पर गंभीरता से विचार कर रही है, जो भारत की टैक्स व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

Budget 2026 Husband Wife

▶️जॉइंट टैक्सेशन आखिर है क्या (Joint Taxation Meaning in India)

अभी भारत में आयकर व्यवस्था पूरी तरह व्यक्ति आधारित है। शादीशुदा हों या अविवाहित, हर व्यक्ति अपने PAN के आधार पर अलग-अलग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है। पति और पत्नी दोनों की आय और टैक्स स्लैब अलग माने जाते हैं। परिवार को एक इकाई के तौर पर टैक्स में कोई सीधा फायदा नहीं मिलता।

जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम में पति और पत्नी की कुल आय को जोड़कर टैक्स लगाया जाता है। यानी एक परिवार को एक टैक्स यूनिट माना जाता है। इससे टैक्स स्लैब, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट और डिडक्शन का बेहतर इस्तेमाल हो सकता है।

▶️मौजूदा सिस्टम में कहां फंस रहा है मिडिल क्लास (Income Tax System India)

जानकारों का मानना है कि मौजूदा टैक्स सिस्टम की सबसे बड़ी कमी सिंगल इनकम फैमिली के साथ अन्याय है। अगर घर में सिर्फ पति या पत्नी कमाता है और दूसरा जीवनसाथी बेरोजगार या होममेकर है, तो उसकी बेसिक टैक्स छूट बेकार चली जाती है। नतीजा यह होता है कि एक ही कमाई पर परिवार को जरूरत से ज्यादा टैक्स देना पड़ता है।

यही वजह है कि सिंगल-इनकम मिडिल क्लास परिवारों को हर साल बजट से सबसे ज्यादा उम्मीद रहती है। जॉइंट टैक्सेशन लागू होने पर इस वर्ग को सीधा फायदा मिल सकता है।

▶️बजट 2026 में क्या मिल सकता है फायदा (Budget 2026 Tax Benefits)

अगर सरकार जॉइंट टैक्सेशन को मंजूरी देती है, तो टैक्स स्लैब को नए सिरे से डिजाइन किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक मॉडल यह हो सकता है कि पति-पत्नी की संयुक्त आय पर 6 लाख रुपये तक कोई टैक्स न लगे। 6 लाख से 14 लाख रुपये तक 5 फीसदी टैक्स और उसके बाद ऊंचे स्लैब लागू हों।

इससे टैक्स स्लैब का पूरा फायदा मिलेगा। होम लोन, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल खर्च, सेक्शन 80C और 80D जैसे डिडक्शन को परिवार के स्तर पर बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

▶️अमेरिका और जर्मनी में पहले से लागू सिस्टम (Joint Filing USA)

दुनिया के कई विकसित देशों में परिवार आधारित टैक्स सिस्टम पहले से मौजूद है। अमेरिका और जर्मनी में शादीशुदा जोड़ों को जॉइंट टैक्स रिटर्न फाइल करने का विकल्प मिलता है। वहां कपल्स हर साल यह तय कर सकते हैं कि उन्हें अलग-अलग रिटर्न फाइल करना है या जॉइंट।

भारत में भी अगर ऐसा विकल्प आता है तो टैक्स सिस्टम ज्यादा लचीला और न्यायसंगत बन सकता है। खास बात यह है कि जॉइंट टैक्सेशन अनिवार्य नहीं होगा। कपल्स वही विकल्प चुन सकेंगे जो उनके लिए फायदेमंद हो।

▶️ सर्चार्ज में भी मिल सकती है राहत (Income Tax Surcharge)

जॉइंट टैक्सेशन का एक बड़ा फायदा सर्चार्ज को लेकर भी हो सकता है। अभी 50 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर सर्चार्ज लगता है। अगर पति-पत्नी की संयुक्त आय को आधार बनाया गया, तो यह सीमा 75 लाख रुपये या उससे ज्यादा की जा सकती है। इससे अपर-मिडिल क्लास और हाई इनकम फैमिलीज को बड़ी राहत मिल सकती है।

▶️ ICAI की सिफारिश से बढ़ी उम्मीद (Recommendation Budget 2026)

Budget 2026 से पहले इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया यानी ICAI ने सरकार को सुझाव दिया है कि शादीशुदा जोड़ों को सिंगल जॉइंट ITR फाइल करने का विकल्प दिया जाए। ICAI का कहना है कि इससे टैक्स कंप्लायंस आसान होगा और परिवारों को वित्तीय रूप से बेहतर फैसले लेने की आजादी मिलेगी।

▶️ अलग-अलग परिवारों पर क्या होगा असर (Joint Taxation Impact)

सिंगल इनकम फैमिली के लिए जॉइंट टैक्सेशन किसी वरदान से कम नहीं होगा। टैक्स बोझ घटेगा और रिटर्न फाइल करना आसान होगा। कम आय वाले दो कमाने वाले कपल्स को भी बेसिक एग्जेम्प्शन और स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिल सकता है।

हालांकि हाई इनकम ड्यूल-अर्नर कपल्स को सावधानी से गणना करनी होगी, क्योंकि संयुक्त आय उन्हें ऊंचे टैक्स स्लैब में भी ले जा सकती है। बच्चों वाले परिवार, होम लोन और मेडिकल खर्च उठाने वाले घरों के लिए यह सिस्टम टैक्स प्लानिंग को ज्यादा असरदार बना सकता है।

कुल मिलाकर Budget 2026 शादीशुदा जोड़ों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। अगर जॉइंट टैक्सेशन को हरी झंडी मिलती है, तो यह वही बदलाव होगा जिसका इंतजार भारतीय मिडिल क्लास सालों से कर रहा है।

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