Budget 2026: खेती-किसानी के लिए खुलेगा खजाना! अन्नदाताओं के लिए क्या हो सकता है मास्टरप्लान?
Budget 2026 Agricultural Sector Expectations: भारत का बजट 2026 कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में खेती एक पेचीदा मुद्दा बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भारत अपने किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। वर्तमान में देश की आबादी 2050 तक 1.6 अरब पहुंचने का अनुमान है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और निर्यात बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है।
साल 2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 'महिला किसान का अंतरराष्ट्रीय वर्ष' घोषित किया गया है, जो इस बजट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए खास प्रावधानों की उम्मीद जगाता है। साथ ही, ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी भारत को वैश्विक कृषि बाजार में अपनी धाक जमाने का मौका देगी।

Agriculture Sector: बजट से जुड़ी 5 सबसे बड़ी उम्मीदें
खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए इस बार बजट में कई बड़े बदलावों की संभावना है:
1. बजट आवंटन में भारी बढ़ोतरी
पिछले साल कृषि क्षेत्र के लिए आवंटन लगभग ₹1.52 लाख करोड़ था, लेकिन इस बार इसमें 'नॉर्थवर्ड मूवमेंट' यानी बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। जानकार मानते हैं कि रिसर्च (R&D), तकनीक और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार खजाना खोल सकती है।
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2. दालों और तिलहन में 'आत्मनिर्भरता' का लक्ष्य
भारत अपनी जरूरत का 60% खाने का तेल आयात करता है। बजट 2026 में 'खाद्य तेल-तिलहन मिशन' और 'दाल मिशन' को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य 2027 तक चुनिंदा दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करना और तेल उत्पादन को 39 मिलियन टन से बढ़ाकर 70 मिलियन टन करना है।
3. बर्बाद होती फसल को बचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत में करीब 15% से 20% फल और सब्जियां खराब भंडारण के कारण बर्बाद हो जाते हैं। इस घाटे को रोकने के लिए बजट में:
- आधुनिक कोल्ड चेन और गोदामों का निर्माण।
- डिजिटल सप्लाई चैन मैनेजमेंट।
- प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड (PSF) का विस्तार, ताकि प्याज और दालों की कीमतें काबू में रहें।
4. महिला किसानों और क्रेडिट कार्ड (KCC) पर फोकस
महिला किसानों की भूमिका को पहचान दिलाने के लिए इस बजट में विशेष ऋण (Credit) योजनाओं की घोषणा हो सकती है। साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लोन सीमा को बढ़ाकर खेती को और अधिक किफायती बनाने की उम्मीद है।
5. 4P अप्रोच के जरिए ग्लोबल मार्केट में धाक
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एक्सपर्ट्स 4P मॉडल पर जोर दे रहे हैं:
- Produce: प्रति यूनिट एरिया में ज्यादा पैदावार।
- Process: वैल्यू एडिशन के जरिए ज्यादा कमाई।
- Price: कुशल सप्लाई चैन से बेहतर भाव।
- Protect: लंबे समय तक खेती को टिकाऊ बनाना।
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