Budget 2024: सस्ती होने वाली है शराब? एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से सरकार ने हटाई GST
GST Exempted from Extra Neutral Alcohol in Budget 2024, बजट 2024 में केंद्रीय जीएसटी कानून में संशोधन पेश किए गए, जिसमें विशेष रूप से धारा 9 को लक्षित किया गया। इन परिवर्तनों में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) को केंद्रीय जीएसटी कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। ENA अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण घटक है। वित्त मंत्री ने आईजीएसटी अधिनियम और यूटीजीएसटी अधिनियम में भी इसी तरह के संशोधनों की सिफारिश की।
इस संशोधन से पहले ईएनए पर जीएसटी लगती थी, जबकि शराब से तैयार उत्पादों पर जीएसटी नहीं लगती थी। इससे उत्पादन लागत में बढ़ोतरी हो जाती थी क्योंकि ईएनए पर जीएसटी लगी होती था। अब, जब केंद्र सरकार ने ईएनए पर से टैक्स हटा दिया है, तो इस कच्चे माल पर कर की दरें तय करना राज्यों के उपर होगा।

शराब की कीमतों पर प्रभाव
इस संशोधन से शराब उत्पादन लागत कम हो सकती है, जिससे शराब की कीमतें कम हो सकती हैं। हालांकि, यह प्रभाव अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकता है। यदि निर्माता और आपूर्तिकर्ता दोनों अपने उत्पादों पर जीएसटी लगाते हैं, तो निर्माता खरीद पर भुगतान किए गए जीएसटी के लिए क्रेडिट का उपयोग कर सकते हैं, जिससे आपूर्ति की प्रभावी लागत कम हो सकती है।
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि, अब यह स्पष्ट है कि ईएनए पर जीएसटी नहीं लगेगा। पहले कुछ ईएनए आपूर्तिकर्ता जीएसटी वसूल रहे थे, जो शराब कंपनियों के लिए उचित नहीं था। जिसके चलते शराब कंपनियों की खरीद लागत बढ़ जाती थी। अब जीएसटी के बजाय ईएनए पर वैट लगाया जा रहा है, इसलिए शराब कंपनियों की खरीद लागत कम होनी चाहिए।
ईएनए से जीएसटी हटाने का उद्देश्य अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों के उत्पादन की लागत को कम करना है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि अलग-अलग राज्य आगे चलकर इस कच्चे माल पर किस तरह से कर लगाने का फैसला करते हैं।
बता दें कि, अक्टूबर 2023 में ही जीएसटी काउंसिल ने अल्कोहलिक शराब के निर्माण के लिए आपूर्ति किए जाने पर एक्स्ट्रा-न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) की छूट को मंजूरी दे दी है। अनाज आधारित और गुड़ आधारित ईएनए दोनों को जीएसटी से छूट दी जाएगी।












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