Agriculture Budget 2023: कृषि से जुड़े स्टार्ट अप को दी जाएगी प्राथमिकता, 20 लाख करोड़ लोन का लक्ष्य
Budget 2023 For Agriculture: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए हैं। कहा कि कृषि से जुड़े स्टार्टअप को प्राथमिकता दी जाएगी।

Agriculture Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट पेश किया। इस आम बजट में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों का भी ध्यान रखा गया। वित्त मंत्री ने बजट में एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री ने कहा, 'पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए करोड़ों किसानों को फायदा हुआ। 28 महीनों में 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज दिया।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देते हुए कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े स्टार्टअप को प्राथमिकता दी जाएगी। युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि त्वरक कोष की स्थापना की जाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा घोषित कृषि उपाय प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रगति का लाभ उठाएंगे।
वित्त मंत्री ने बोलके हुए कहा, 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।' तो वहीं, भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि कृषि के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर समावेशी किसान-केंद्रित समाधान सक्षम करेगा और कृषि इनपुट, बाजार इंटेल, कृषि उद्योग के लिए समर्थन, स्टार्टअप तक बेहतर पहुंच में मदद करेगा।
वित्त मंत्री सदन में बोलते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों द्वारा कृषि स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि त्वरक कोष स्थापित किया जाएगा। किसानों की चुनौतियों के लिए नवीन और किफायती समाधान लाएगा, लाभप्रदता भी बढ़ाएगा और आधुनिक तकनीक लाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2,516 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 63,000 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कम्प्यूटरीकरण की भी शुरुआत की है।
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वित्त मंत्री ने कहा कि अमृत काल के लिए हमारी दृष्टि में मजबूत सार्वजनिक वित्त और एक मजबूत वित्तीय क्षेत्र के साथ एक प्रौद्योगिकी संचालित और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था शामिल है। इस 'जनभागीदारी' को हासिल करने के लिए 'सबका साथ, सबका प्रयास' जरूरी है। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को ओपन सोर्स, ओपन स्टैंडर्ड और इंटरऑपरेबल पब्लिक गुड के रूप में बनाया जाएगा।
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