Bitcoin अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में, लौट रही निवेशकों में चमक
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने बुधवार को एक बार छलांग भरी और 55000 डॉलर को पार कर लिया। इसके साथ ही यह क्रिप्टोकरेंसी पिछले महीने के अब तक के अपने ही उच्चतम स्तर को पार कर सकती है। इसके पहले ब्लूमबर्ग गैलेक्सी क्रिप्टो इंडेक्स ने मंगलवार को ही बिटकॉइन के पिछले दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की जानकारी दी थी।

बिटकॉइन की बढ़ती कीमतों पर पेपरस्टोक ग्रुप की रिसर्च टीम के प्रमुख क्रिस वेस्टन ने लिखा है कि अगर क्रिप्टोकरेंसी 21 फरवरी को अपने रिकॉर्ड स्तर 58,350 डॉलर को तोड़ दे तो ये चौंकाने वाली बात नहीं होगी।
बिटकॉइन के डिजिटल टोकन ने 2.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और हांग कांग के बाजार में बुधवार सुबह 9 बजे यह 55600 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी। हालांकि बुधवार को ही दोपहर में बिटकॉइन में 2.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 53,500 पर वापस आ गई थी।
बढ़ रहा डिजिटल टोकन
फरवरी के अंत में क्रिप्टोकरेंसी के नीचे जाने के बाद लगातार दो सप्ताह से इसमें निरंतरता बनी हुई है और यह वर्चुअल टोकन फिर से ऊपर की तरफ बढ़ रहा है।
बड़े निवेशकों की इस टोकन में रुचि दिखाने के बाद इस करेंसी में बढ़त देखी जा रही है। निवेशकों को उम्मीद है कि बाइडेन प्रशासन द्वारा कोविड राहत चेक के जारी होने के चलते बाजार में एक बार फिर से तेजी आएगी और इससे भी क्रिप्टोकरेंसी में उछाल आएगा।
पिछले साल 600 फीसदी बढ़त
कोविड महामारी से भरे साल 2020 में डिजिटल टोकन में 600 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद इस बात पर बहस तेज हो रही है कि यह करेंसी कभी भी फट पड़ने वाले बुलबुले की तरह है या फिर मार्केट में आगे बढ़ने वाले बुल का प्रतिनिधित्व कर रही है।
अम्बेर ग्रुप के एनाबेल हॉन्ग के मुताबिक बिटकॉइन में इस सप्ताह की बढ़त की मुख्य वजह अमेरिकी राहत बिल और माइक्रोस्ट्रेटजी और मीटू द्वारा बिटकॉइन की खरीद है।












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