SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, होम लोन और एफडी की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान
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नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है। एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेडिंग रेट (MCLR) में 0.10 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले का फायदा एसबीआई से लोन लेने वालों को मिलेगा। बैंक सभी अवधि के कर्ज पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट यानी MCLR घटाया है। जिससे ब्याज दरों में 10 बीपीएस की कमी आएगी। नई दरें 10 सितंबर से लागू हो जाएंगी। एक तरफ भारतीय स्टेट बैंक ने MCLR में कटौती की है, वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी ब्याज घटाने का ऐलान किया है। हर अवधि के रिटेल एफडी पर 20-25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का ऐलान किया गया है।

SBI से होम लोन लेने वालों को बड़ा तोहफा
भारतीय स्टेट बैंक ने सभी अवधि के कर्ज पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट यानी MCLR घटाया है। बैंक मौजूदा वित्त वर्ष (2019-20) में पांचवीं बार MCLR में कटौती की है। इसमें कटौती की वजह से एक साल का मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट 8.25 फीसदी से घटकर 8.15 फीसदी पर आ जाएगा। MCLR कम होने से होम लोन की ब्याज दरें कम हो जाएंगी। यही नहीं बैंक की ज्यादातर ब्याज दरें इसी से जुड़ी रहती हैं, इसलिए उनमें भी कमी आएगी। नई दरें 10 सितंबर से लागू हो जाएंगी।

कटौती 10 सितंबर से लागू होगी
भारतीय स्टेट बैंक के इस फैसले के बाद अब दूसरे बैंक भी एसबीआई की राह पर चल सकते हैं। इससे फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन सस्ते हो जाएंगे। MCLR में कटौती के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक ने फिक्स डिपॉजिट पर भी कटौती का ऐलान किया है। खुदरा सावधि जमा (रिटेल टर्म डिपॉजिट) पर ब्याज दर में 0.20 से 0.25 बीपीएस तक की कटौती बैंक ने की है, वहीं एकमुश्त बड़ी राशि की सावधि जमा (बल्क टर्म डिपॉजिट) की ब्याज दर में 0.10 से लेकर 0.20 बीपीएस तक की कटौती की है।

बैंक ने एफडी पर भी घटाई ब्याज दरें
फिक्स डिपॉजिट पर ये कटौतियां भी 10 सितंबर (मंगलवार) से प्रभावी होंगी। पिछले दो महीनों में यह तीसरी बार है जब बैंक ने एफडी पर ब्याज दर को घटाया है। एसबीआई ने कहा कि घटती ब्याज दरों के मौजूदा परिवेश और उसके पास उपलब्ध अधिशेष नकदी को देखते हुए फिक्स डिपॉजिट की ब्याज दरों को परिस्थिति के अनुरूप ये फैसला लिया गया है।












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