SBI में पैसा जमा करने और निकालने का नया नियम, नेट बैंकिंग में हुए बदलाव, जान लें नहीं तो बढ़ सकती है मुश्किल
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए पिछले कुछ दिनों में बैंकिंग ट्रांजैक्शन के कई नियमों में बदलाव किया है। फिर चाहे वो ATM से कैश विड्रॉल के नियम में बदलाव हो या फिर बैंक में जाकर कैश जमा करने और निकालने के नियम में। इतना ही नहीं बैंक ने लोगों के पैसों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए नेट बैंकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। हाल के कुछ दिनों में एसबीआई द्वारा किए गए बदलाव पर एक नजर डालते हैं, ताकि जब आप अगली बार अपने बैंक जाएं तो आपके पास हाल में किए गए बदलावों के बारे में पूरी जानकारी हो।

SBI ने बदले नियम
SBI ने एटीएम से रोजाना कैश विड्रा की लिमिट तय कर दी है। एसबीआई के खाताधारक अब एटीएम से रोजाना 40,000 रुपए के बजाए 20,000 रुपए निकाल सकेंगे। 31 अक्टूबर से इस नए नियम को लागू कर दिया गया है। बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ ATM फ्रॉड को रोकने के लिए ये नियम बदला है।

बैंक के ब्रांच में कैश डिपॉजिट नियम में बदलाव
बैंक ने कैश डिपॉजिट के नियम में भी बदलाव किया है। अब आप एसबीआई के किसी भी शाखा में जाकर अपने सेविंग अकाउंट में जितना चाहे पैसा जमा कर सकते हैं। आपको बता दें कि इससे पहले ये लिमिट 30000 रुपए थी, जिसे अब हटा लिया गया है। वहीं अकाउंट खाताधारकों के लिए नई सुविधा शुरू की गई है। करंट अकाउंट होल्डर्स अब अपने अकाउंट में रोजाना 2 लाख रुपए जमा करवा सकेंगे।

केवल अकाउंट होल्डर कर पाएंगे कैश जमा
एसबीआई ने बैंक खातों को सुरक्षित रखने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया है। इस नियम के तहत किसी के खाते में कोई दूसरा शख्स पैसे नहीं जमा करा पाएगा। यानी अगर आप अकाउंट होल्डर हैं तो आपके खाते में कोई दूसरा शख्स चाहे उससे आपका खून का रिश्ता क्यों न हो कैश डिपॉजिट नहीं करवा पाएगा।

नेट बैंकिंग के नियम में बदलाव
बैंक ने नेट बैंकिंग सर्विस को लेकर सख्ती दिखाई और उन ग्राहकों के लिए मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवा बंद कर दी, जिन्होंने 30 नवंबर तक अपना फोन नबंर अपने खाते से लिंक नहीं करवाया। ऐसे खाताधारक अब 1 दिसंबर से नेट बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन का तरीका
एसबीआई खाताधारक अगर एटीएम से अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन चाहते हैं तो उन्हें अपने खाते में एक न्यूनतम बैलेंस हर महीने बरकरार रखना होगा। यानी मिनिमम बैलेंस बनाकर ATM से अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

नहीं कर पाएंगे चेक से लेन-देन
इतना ही नहीं एसबीआई ने चेकबुक से लेन-देन के नए नियम में लागू कर दिए हैं। बैंक ने अपने खाताधारकों को 12 दिसंबर तक का वक्त दिया है, जिसके बाद बैंक नॉन सीटीएस चेक क्लियर नहीं करेगा। एसबीआई ने चेक बुक सरेंडर करने और नई चेक बुक जारी करने के लिए ग्राहकों को मैसेज भेजना भी शुरू कर दिए हैं। इस मैसेज के अनुसार नॉन सीटीएस चेक बुक 12 दिसंबर से स्वीकार नहीं किए जाएंगे।












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