इस बैंक के खाताधारकों को लगा झटका, अकाउंट से नहीं निकाल पाएंगे 5000 रुपए से अधिक कैश
इस बैंक के खाताधारक खाते से नहीं निकाल पाएंगे 5000 रु से अधिक कैश
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक और बैंक पर पाबंदी लगा दी है। बैंकिंग अधिनियमों की अनदेखी और फाइनेंशियल स्थिति खराब होने पर आरबीआई ने बेंगलुरू के शुश्रुति सौहार्द सहकारी बैंक पर कैश निकासी की कैंपिंग लगा दी है। आरबीआई की ओर से लगाए गई इस पाबंदी के बाद अब इस बैंक के खाताधारक अपने बैंक खाते से 5000 रुपए से अधिक कैश नहीं निकाल पाएंगे। बैंक की बिगड़ी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इस बैंक पर कई पाबंदियां लगा दी है।

इस बैंक के खाताधारकों को लगा झटका
आरबीआई ने बेंगलुरू के शुश्रुति सौहार्द सहकारी बैंक पर कैश निकासी समेत कई पाबंदियां लगा दी है। आरबीआई ने बैंक की खराब वित्तीय हालत को देखते हुए ये पाबंदी लगाई है, ताकि बैंक के फाइनेंशियल स्थिति को थोड़ा बल मिल सकें। आरबीआई की ओर से जारी दिशानिर्देश के मुताबिक अब इस बैंक के ग्राहक अपने अकाउंट से 5000 रुपए से अधिक का कैश नहीं निकाल सकेंगे। विशेष स्थिति में आरबीआई की सहमति के बाद ही खाताधारक को पांच हजार से अधिक कैश निकासी की छूट मिलेगी।

6 महीने के लिए लगी कैपिंग
आरबीआई ने इस बारे में आदेश जारी किया है। अपने आधिकारिक निर्देश में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिय़ा ने कहा है कि बेंगलुरू के शुश्रुति सौहार्द सहकारी बैंक के ऊपर कई पाबंदियांम लगाई जा रही है। 5000 रुपए कैश निकासी की सीमा के साथ-साथ बैंक पर लोन बांटने या रिन्यू करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। यानी बैंक न तो किसी को लोन दे सकेगा और न ही किसी लोन को रिन्यू कर सकेगा। ये पाबंदी फिलहाल 6 महीने के लिए लगाई गई है। 7 अप्रैल 2022 से ही इन पाबंदियों को अगले छह महीने के लिए बैंक पर लगा दिया गया है। 6 महीने के बाद बैंक की वित्तीय हालत देखने के बाद ये फैसला लिया जाएगा कि इसे और बढ़ाया जाए या फिर हटा लिया जाए।

RBI से लेनी होगी अनुमति
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने निर्देश में कहा है कि बैंक कोई भी नया लोन बिना उसके अनुमति के अप्रव नहीं करेगा। वहीं बैंक बिना आरबीआई की अनुमति के कोई भी निवेश नहीं कर सकेगा। वहीं फंड उठाने या कोई फ्रेश डिपॉजिट करने या कोई पेमेंट करने या पेमेंट करने की सहमति भी बैंक नहीं दे सकेगा। वहीं बैंक किसी भी तरह की कोई बिक्री नहीं कर सकेगा। वहीं केंद्रीय बैंक से साफ शब्दों में कहा कि बैंक पर लगाई गई इन पाबंदियों का मतलब ये नहीं है कि बैंक का लाइसेंस रद्द किया जा रहा है। बैंक की सेहत सुधरने पर बैंक पर लगी पाबंदियों में ढील दी जाएगी।












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