RBI का इंतजार नहीं, मार्च-अप्रैल में बैंक आप पर बढ़ा सकते हैं कर्ज का बोझ

नई दिल्ली। अगर आप बैंक से किसी तरह का लोन लेने की सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि मार्च या अधिक से अधिक अप्रैल से आप पर कर्ज का बोझ बढ़ने वाला है। बैंक मार्च के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। माना जा रहा है बैंक आरबीआई का इंतजार किए बिना ही मार्च के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते है। जानकारों की माने तो होम लोन और कार लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। माना जा रहा है बैंक अपने घटते प्रॉफिट की रिकवरी के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक ने इकोनॉमी की मौजूदा स्थ‍िति को देखते हुए ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया है।

बैंक की ब्याज दरों में बढ़ोतरी

बैंक की ब्याज दरों में बढ़ोतरी

माना जा रहा है कि मार्च या फिर अप्रैल के बाद बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। बैंत अपना मार्जिन बचाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं। दरअसल पिछले कुछ महीनों में बॉन्ड यील्ड्स में 100 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के चलते बैंकों को डिपॉजिट सर्टिफिकेट जारी करना महंगा पड़ रहा है। वहीं कंपनियां भी फंड के लिए बैंकों के पास पहुंच रही है, जिसके कारण बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दवाब बढ़ रहा है।

 प्राइवेट बैंकों ने बढ़ाया MCLR रेट

प्राइवेट बैंकों ने बढ़ाया MCLR रेट

आपको बता दें कि हाल ही में प्राइवेट बैंकों ने अपने एमसीएलआर में बढ़ोतरी की है। पहले एचडीएफसी ने एमसीएलआर में 10 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की, उससे पहले एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, इंडसइंड और यस बैंक ने एमसीएलआर में 5 से 10 बेसिक प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की। ये बढ़ोतरी संकेत हैं कि बैंक लेंडिंग रेट्स में बढ़ोतरी की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं एसबीआई, पीएनबी जैसे सरकारी बैंकों ने थोक जमा पर डिपॉजिट रेट्स में बढ़ोतरी की, जो इस ओर संकेत करते हैं कि बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर आप पर कर्ज का बोझ बढ़ा सकते हैं।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी

ब्याज दरों में बढ़ोतरी

दरअसल आरबीआई ने अपनी मौद्रिक समीक्षा बैठक में आर्थ‍िक गत‍िविध‍ियों को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिसके बाद बैंकों के लिए बाजार से कर्ज लेना महंगा पड़ रहा है।वहीं आरबीआई ने बेस रेट को एमसीएलआर से लिंक करने का भी फैसला किया, जिसे लेकर जानकार मान रहे हैं कि बैंकों के हिसाब से ये फैसला सहीं वक्त पर नहीं लिया गया है। ऐसे में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+