हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद विवादों में घिरे अडानी ग्रुप को मिली बड़ी राहत
मॉरीशस की फाइनेंशियल सर्विसेज कमिशन की ओर से कहा गया है कि हमे अडानी ग्रुप की 38 कंपनियों और 11 ग्रुप फंड में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के सामने आने के बाद विवादों में घिर अडानी ग्रुप को मॉरीशस के ग्रुप ने बड़ी राहत दी है। मॉरीशस की फाइनेंशियल सर्विसेज कमिशन की ओर से कहा गया है कि हमे अडानी ग्रुप की 38 कंपनियों और 11 ग्रुप फंड में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है। इससे पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अडानी ग्रुप ने मॉरीशस की फर्जी कंपनियों के जरिए अपने शेयर के दाम बढ़ाए हैं। एफएससी के चीफ एग्जेक्युटिव ऑफिसर विकाश ठाकुर ने कहा कि शुरुआती आंकलन में अडानी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों की जो जांच की गई है उसमे अभी तक हमे कुछ भी गलत नहीं मिला है, सबकुछ कानून के तहत किया गया है।
बता दें कि मौजूदा समय में सेबी अडानी ग्रुप और मॉरीशस की कंपनियों के बीच के लिंक की जांच कर रहा है। मॉरीशस की कंपनी ग्रेट इंटरनेशनल टस्कर फंड और आयुश्मत लिमिटिड सेबी की जांच के दायरे में है, इन दोनों कंपनियों ने अडानी की कंपनी में निवेश किया था। जिस तरह से हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई थी उसके बाद अडानी ग्रुप के शेयर के दाम 120 बिलियन डॉलर नीचे गिर गए। हालांकि अडानी ग्रुप की ओर से उसपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया और कहा गया कि आरोप झूठे हैं।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के मार्केट रेग्युलेटर ऑस्ट्रेलियन सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स कमिशन की ओर से भी अडानी ग्रुप पर कुछ सवाल खड़े किए गए थे। कंपनी की ओर से कहा गया था कि हम आरोपों की समीक्षा करेंगे और पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या इसमे कुछ गलत है। यूके की रेग्युलेटरी फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी की ओर से कहा गया कि हम भी इस मामले में जांच कर रहे हैं क्या अडानी ग्रुप और इलारा कैपिटल में कोई संबंध है। बहरहाल पिछले कुछ दिनों में अडानी के शेयर में बढ़त देखने को मिली है। कंपनी ने 20 हजार के एफपीओ को पूरी तरह से सब्सक्राइब होने के बाद वापस ले लिया था। गौतम अडानी ने कहा था कि हमारे लिए निवेशकों का हित सर्वोपरि है।












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