Adani Group ने ऑडिट के लिए ग्रांट थॉर्नटन की नियुक्ति पर दिया स्पष्टीकरण, बताया 'बाजार की अफवाह'
अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के दावे को खारिज करने के लिए कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अडानी ग्रुप द्वारा एक ऑडिट फर्म की नियुक्ति की बात कही गई थी। जिसे समूह ने खारिज कर दिया है।

अमेरिकी शार्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg Research) में अडानी ग्रुप (Adani Group) पर लगे आरोपों को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में एक समूह की ओर से एक ऑडिट फर्म की नियुक्ति की बात कही गई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अडानी ग्रुप ने ऑडिट फर्म ग्रांट थॉर्नटन (Grant Thornton) को नियुक्ति किया है। साथ ही ये भी कहा गया कि इस ऑडिट का मकसद हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज करना है। लेकिन अब अडानी समूह ने एक बयान जारी कर इन दावों को खारिज कर दिया है।
गौतम अडानी (Gautam Adani) के स्वामित्व वाले समूह ने अकाउंटेंसी फर्म (Accountancy Firm) ग्रांट थॉर्नटन की नियुक्ति नहीं की है। अडानी ग्रुप ने इसे 'बाजार की अफवाह' बताया है। स्टॉक एक्सचेंजों को जारी एक बयान में अडानी एंटरप्राइजेज ने कहा, "यह बाजार की अफवाह है और इसलिए इस पर टिप्पणी करना हमारे लिए अनुचित होगा। हम यह पुष्टि करना चाहते हैं कि हमने सेबी रेगुलेशंस, 2015 और स्टॉक एक्सचेंजों के साथ हमारे समझौतों के तहत अपने दायित्वों के अनुपालन में ये खुलासे किए हैं और इसे जारी रखेंगे। आपसे अनुरोध है कि उपरोक्त को अपने रिकॉर्ड में लें"।
यूएस शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप की 7 कंपनियों ने लगभग 120 अरब डॉलर के संयुक्त बाजार पूंजीकरण का नुकसान झेला। जिसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि अडानी समूह ने यूएस शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा किए गए दावों को खारिज करने के लिए ग्रांट थॉर्नटन को अपनी कुछ कंपनियों का स्वतंत्र ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया था। बता दें कि यूएस शॉर्ट सेलर ने अडानी ग्रुप पर स्टॉक हेरफेर और टैक्स हेवन के अनुचित उपयोग सहित अन्य बातों का आरोप लगाया था। इसको लेकर 24 जनवरी की एक रिपोर्ट जारी की गई थी।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications