7th pay commission: केन्द्रीय कर्मचारियों को उम्मीद से अधिक मिला HRA
नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग के 34 संशोधनों को मंजूरी दे दी है और 1 जुलाई से सातवां वेतन आयोग लागू हो जाएगा। सरकार के इस कदम से 50 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा। अरुण जेटली के अनुसार जो सुझाव कर्मचारियों के हित में थे उन्हें स्वीकार करते हुए उनमें सुधार किया गया है। आइए जानते हैं 1 जुलाई से लागू होने वाले सातवें वेतन आयोग में कितना मिलेगा एचआरए।

सिफारिश से अधिक मिला आवास भत्ता (एचआरए)
सरकार ने X कैटेगरी (50 लाख और उससे अधिक आबादी), Y कैटेगरी (5 लाख से 50 लाख की आबादी) और Z कैटेगरी (5 लाख से कम की आबादी) वाले शहरों के लिए न्यूनतम एचआरए पर फैसला किया है।
सरकार के फैसले के अनुसार 1 जुलाई से X, Y और Z कैटेगरी के शहरों के लिए न्यूनतम एचआरए क्रमशः 5,400, 3600 और 1800 होगा। सरकार के इस फैसले से करीब 7.5 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा।

क्या था सातवें वेतन आयोग का प्रस्ताव
सातवें वेतन आयोग की तरफ से प्रस्ताव दिया गया था कि मौजूदा समय में X, Y और Z कैटेगरी के शहरों में दिया जाने वाले क्रमशः 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी एचआरए को घटाकर 24 फीसदी, 16 फीसदी और 8 फीसदी कर दिया जाए।
सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को पूरी तरह से नहीं मानते हुए महंगाई भत्ता 25 फीसदी से कम होने पर X, Y और Z कैटेगरी के शहरों के लिए एचआरए 27 फीसदी, 18 फीसदी और 9 फीसदी करने का फैसला किया है। वहीं अगर महंगाई भत्ता 50 फीसदी से अधिक होता है तो एचआरए बढ़कर 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हो जाएगा। इससे हर उस कर्मचारी को फायदा होगा, जिसे एचआरए मिलता है।

सरकार पर बढ़ा बोझ
सरकार ने फैसला किया है कि सिफारिश के अनुसार जिन 53 भत्तों को खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया था, उनमें से 12 को खत्म नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 37 भत्तों को एक दूसरे में मिलाने का प्रस्ताव था, लेकिन सरकार इनमें से सिर्फ 3 को एक में मिलाएगी।
इन भत्तों से सरकार के ऊपर करीब 30,748.23 करोड़ रुपए का भार आ जाएगा। इसमें से 29,300 करोड़ रुपए का अनुमान तो सातवें वेतन आयोग की तरफ से ही लगाया गया था, लेकिन करीब 1,448.23 करोड़ रुपए अतिरिक्त भारत सरकार पर आएगा।












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