देश में हैं 5,275 विलफुल डीफॉल्टर, 56,621 करोड़ का कर्ज
नई दिल्ली। 7 हजार करोड़ के कर्ज में डूबे विजय माल्या जब विदेश गये तो हड़कंप मच गया। तमाम बैंक सोच में पड़ गये कि अब 7000 करोड़ कहां से आयेंगे। दिमाग खुल गये लेकिन आंखें अब भी नहीं खुली हैं। जी हां देश में इस वक्त 5,275 विलफुल डीफॉल्टर हैं, जिनके ऊपर 56,521 रुपए बकाया है। यह पैसा देश के अलग-अलग बैंकों ने कर्ज के रूप में दिया है।
पढ़ें- जानिए 2 मार्च को किस हसीना के साथ माल्या गये थे विदेश!

यह हम नहीं क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) की रिपोर्ट कह रही है। सिबिल के अनुसार देश के बड़े उद्योगपतियों पर बकाया धन कृषि एवं किसान कल्याण पर खर्च होने वाले बजट का डेढ़ गुना है। 2016-17 में भारत सरकार ने 35,984 करोड़ रुपए इस कार्य के लिये आवंटित किये हैं।
क्या होता है विलफुल डीफॉल्टर
विलफुल डीफॉल्टर वे होते हैं, जो जानबूझ कर बैंक का कर्ज नहीं देना चाहते हैं या नहीं देते हैं। हालांकि कई उन कंपनियों का भी नाम विलफुल डीफॉल्टर की सूची में डाला गया है, जो चाहकर भी लोन चुकता नहीं कर सकते। उनकी वित्तीय स्थिति बेहद खराब है।
इंडिया स्पेंड ने देश के सभी 5,275 डीफॉल्टर की सूची जारी की है। जिनमें से टॉप 10 हम यहां दर्शा रहे हैं-
1. विनसम डायमंड एंड ज्वेलरी लिमिटेड, 3263 करोड़ रुपए बकाया।
2. ज़ूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, 1647 करोड़ रुपए बकाया।
3.किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड, 1201 करोड़ रुपए बकाया।
4. बीटा नेप्थॉल, 951 करोड़ रुपए बकाया।
5. रज़ा टेक्सटाइल लिमिटेड, 694 करोड़ रुपए बकाया।
6. रैंक इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, 551 करोड़ रुपए बकाया।
7. एक्सएल एनर्जी लिमिटेड, 413 करोड़ रुपए बकाया।
8. डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड, 409 करोड़ रुपए बकाया।
9. इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड, 385 करोड़ रुपए बकाया।
10. जाइलॉग सिस्टम लिमिटेड, 361 करोड़ रुपए बकाया।












Click it and Unblock the Notifications