'चार बीघा जमीन की शर्त लगाओ, सपा जीतेगी', भाजपा जीती तो अखिलेश समर्थक ने बाजी हारने पर क्या किया?

बदायूं, 12 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों के सामने आने से पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी या समाजवादी पार्टी की, इसको लेकर सट्टा बाजार तो गरम रहा। लेकिन बदायूं जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया। दरअसल, यहां बीजेपी और सपा समर्थक के बीच चार बीघा जमीन को लेकर शर्त लगी दी, जिसका गवाह पूरा गांव बना। शर्त यह थी कि सपा या बीजेपी में से जो पार्टी हारेगी उसका समर्थक अपनी चार बीघा जमीन जीतने वाली पार्टी के समर्थक को देगा। जो उसके पास एक साल तक रहेगी। इसके लिए दोनों का शर्त का लिखितनामा भी तैयार किया है। अब यही लिखितनामा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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    क्या है पूरा मामला

    क्या है पूरा मामला

    बता दें, 10 मार्च को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे सामने आ गए और भारतीय जनता पार्टी यूपी में फिर से सरकार बनाने जा रही है। तो वहीं, अब यूपी में योगी सरकार बनने के बाद अखिलेश समर्थक के हाथ पांव फूल गए है, क्योंकि शर्त के मुताबिक सपा समर्थक को अपनी 4 बीघा जमीन जीतने वाले बीजेपी समर्थक विजय सिंह को देनी पड़ेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला बदायूं जिले शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव विरियाडांडी का है। ऐसा बताया जा रहा है कि गांव की चौपाल पर ग्रामीणों के बीच किसकी सरकार बनेगी इसको लेकर बहस चल रही थी।

    शेर अली और विजय सिंह के बीच लगी शर्त

    शेर अली और विजय सिंह के बीच लगी शर्त

    कोई कह रहा था कि इस बार सपा सरकार बनेगी तो कोई भाजपा सरकार बनने पर जोर दे रहा था। इसी दौरान चौपाल पर मौजूद शेर अली ने कहा कि इस बार सपा सरकार बनेगी। उनकी बात काटते हुए विजय सिंह ने कहा कि चाहे कोई शर्त लगा ले सरकार तो भाजपा की ही बनेगी। इसी दौरान दोनों के बीच चार-चार बीघा खेत की शर्त लग गई। इसके लिए बकायदा लिखितनामा भी तैयार हुआ और गांव के ग्रामीण गवाह भी बने। शर्त के मुताबिक, सरकार बनी तो वह दूसरे के चार बीघा खेत में एक साल तक अपनी फसल करेंगे। फसल से शर्त हारने वाले का कोई लेना देना नहीं होगा।

    क्या लिखा था शर्त पत्र में

    क्या लिखा था शर्त पत्र में

    इस बात से दोनों में से कोई पक्ष मुकर न जाएं, इसके लिए गांव के प्रमुख लोग किशनपाल सेंगर, जय सिंह शाक्य, कन्ही लाल, राजाराम, उमेश, राजीव कुमार, सतीश कुमार सहित 12 गवाह ने पत्र तैयार कराया और उस पर अपनी गवाही दी है। भरी पंचायत में पत्र लिखा गया और फैसला हुआ इसके बाद यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। तो वहीं, अब ऐसा बताया जा रहा है कि सपा समर्थक शेर अली शर्त हारने के बाद अपनी बात से मुकर गया है। हालांकि, शेर अली का कहना है कि विजय सिंह के भाई मेरे घर आए थे और बात की उसी वक्त खत्म करने के लिए कहा था।

     दबाब पड़ेगा तो देनी पड़ेगी जमीन: शेर सिंह

    दबाब पड़ेगा तो देनी पड़ेगी जमीन: शेर सिंह

    शेर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि शर्त खत्म करने वाली बात को लेकर मेरी बात विजय सिंह से फ़ोन पर भी कराई गयी थी। जब हमने पूछा कि क्या शर्त वापसी पर कुछ लिखापढ़त हुई तब शेर अली ने कहा हमने तो कहा था लेकिन कुछ ऐसा हुआ नही था। अब बीजेपी सरकार बनने पर मुझसे शर्त पूरी करने को कहा जा रहा है। चूंकि अब बीजेपी सरकार आ गयी है मुझ पर दबाब पड़ेगा तो जमीन मुझे देनी पड़ेगी।

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