ना धड़क रहा था दिल और ना चल रही थी पल्स, फिर भी शख्स था जिंदा, कर रहा था बात
मिलिए दुनिया के पहले ऐसे इंसान से जिसके शरीर में ना दिल था और ना ही उसकी पल्स चल रही थी लेकिन वो फिर भी जिंदा था और बातें कर रहा था।

World's First Heartless Human: इंसान के शरीर का हर अंग बेहद जरूरी होता है, जिसमें दिल सबसे अहम इसलिए होता है क्योंकि जब तक इंसान का दिल धड़कता है तब तक इंसान जिंदा रहता है। लेकिन हम आपको ऐसे इंसान से मिलवाने जा रहे हैं जो दुनिया का ऐसा पहला इंसान था जिसका ना दिल धड़क रहा था और ना ही उसकी नाड़ी चल रही थी लेकिन वो जिंदा था और बातें कर रहा था। आपको इस बात पर यकीन नहीं होगा लेकिन ये सच है। सोशल मीडिया पर इन दिनों इस शख्स का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें डॉक्टरों ने मरीज का दिल बीमारी की वजह से हटा दिया था लेकिन कुछ ऐसा चमत्कार हुआ कि वो जिंदा रहा और वो लोगों से बात भी कर रहा था।

डॉक्टरों ने उसका दिल ऑपरेट करके निकाल दिया
बिना दिल के जीवित रहने वाले इस शख्स का नाम क्रेग लुईस है जो दिल की बीमारी के कारण बस मरने वाला ही था लेकिन डॉक्टरों ने उसका दिल ऑपरेट करके निकाल दिया और उसकी जगह ऐसी चीज लगाई जिसके कारण वो जीवित रहा। क्रेग लुईस पहले ऐसे शख्स हैं जिन पर ये प्रयोग किया गया और जो सक्सेज रहा। आइए जानते हैं कैसे ये संभव हुआ?

ना शरीर में था दिल और ना ही चल रही थी पल्स फिर था जिंदा
दरअसल, क्रेग लुईस जब दिल की बीमारी से लगभग मरने वाले ही थे उनकी मौत होने महज 12 घंटे शेष थे, तब उनकी पत्नी की परमीशन लेकर उनके दिल का ऑपरेशन करके उनके जिंदा रहते डॉक्टरों ने उनका दिल निकाल दिया और उसकी जगह "continuous flow," नाम की एक ऐसी मशीन लगाई जिससे क्रेग लुईस के शरीर में बिना पल्स के रक्त प्रवाहित होने में मदद मिली।

दिल नहीं था फिर भी वो जिंदा थे और सांस ले रहे थे
ऑपरेशन के चंद घंटे बाद वो जिंदा हो गए और उनके शरीर में दिल नहीं था फिर भी वो जिंदा थे और सांस ले रहे थे। इतना ही नहीं वो ऑपरेशन के बाद बात भी कर रहे थे। 55 साल के क्रेग लुईस नाम एमिलॉयडोसिस से पीड़ित थे जो एक दुर्लभ ऑटोम्यून्यून बीमारी है। जो शरीर में असामान्य प्रोटीन का निर्माण करती है और तेजी से दिल, गुर्दे और यकृत को फेलियर बना देती है।

पत्नी के फैसले ने बचाई जान
टेक्सास हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉ बिली कोह्न और डॉ बड फ्रैजियर ने क्रेग को जिंदा रखने के लिए "continuous flow" डिवाइस को शरीर में लगाए जाने का प्रपोजल दिया, जो बिना पल्स के लुईस के रक्त प्रवाह में मदद करेगा जिसे उनकी पत्नी मान गई और क्रेग को नई जिंदगी मिली। चूंकि क्रेग लुईस के पास कुछ ही घंटे बचे थे, इसलिए उनकी पत्नी लिंडा ने डॉक्टरों को अपने पति के शरीर में डिवाइस लगाने की अनुमति दे दी।डिवाइस शरीर के माध्यम से रक्त के निरंतर प्रवाह की आपूर्ति करके इसे ट्रांसफर करने के लिए ब्लड का उपयोग करके काम करता है। डिवाइस स्थापित करने से पहले, लुईस को डायलिसिस मशीन, श्वास मशीन और बाहरी रक्त पंप पर रखा गया था।

क्रेग बने पहले इंसान जिस पर किया गया ये प्रयोग
टेक्सास हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉ बिली कोह्न और डॉ बड फ्रैजियर ने क्रेग को जिंदा रखने के लिए "continuous flow," उपकरण को शरीर में लगाए जाने का प्रपोजल दिया, जो बिना पल्स के लुईस के रक्त प्रवाह में मदद करेगा जिसे उनकी पत्नी मान गई और क्रेग को नई जिंदगी मिली।

पहले बछड़े पर किया गया था ये प्रयोग
टेक्सास हार्ट इंस्टीट्यूट के डॉ बिली कोह्न और डॉ बड फ्रैजियर ने क्रेग को जिंदा रखने के लिए "continuous flow," उपकरण को शरीर में लगाए जाने का प्रपोजल दिया, जो बिना पल्स के लुईस के रक्त प्रवाह में मदद करेगा जिसे उनकी पत्नी मान गई और क्रेग को नई जिंदगी मिली। दोनों डॉक्टरों ने मिलकर ये डिवाइस बनाई थी करीब 50 बछड़ों पर इसका परीक्षण किया था। उन्होंने जानवरों के दिलों को हटा दिया और उन्हें डिवाइस से बदल दिया। बछड़े अपने दैनिक कार्यों को करने में सक्षम थे- उनके शरीर में हृदय द्वारा रक्त पंप किए बिना। हालांकि इस उपकरण का उपायोग क्रेग से पहले किसी इंसान पर नहीं किया गया था।

लिंडा ने पति को जिंदा देख हो गई थीं हैरान
लिंडा ने अपने पति के ऑपरेशन के बाद जब उनकी नब्ज सुनी तो हैरान रह गईं। उन्होंने कहा मैंने सुना और यह एक गुनगुनाहट थी, जो अद्भुत थी। उसकी नब्ज नहीं थी। अफसोस की बात है कि लुईस की हालत बिगड़ने लगी क्योंकि बीमारी ने उनके लीवर और किडनी पर हमला कर दिया और अप्रैल 2011 में उनका निधन हो गया। ऑपरेशन के बाद वह बिना पल्स के एक महीने से अधिक समय तक जीवित रहे, उनके डॉक्टरों ने कहा कि पंपों ने बिना किसी दोष के काम किया था।
इस लिंक पर देखें इस ऑपरेशन का वीडियो
नोट- सभी फोटो वीडियो से ली गई हैं












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