अजब-गजब: यहां हर बार किसी की मौत पर जन्म लेती है बालिका वधु
जयपुर। राजस्थान में बाल विवाह पूरी तरह खत्म नहीं हो सका है। बच्चियां अभी भी इस सामाजिक प्रथा की भेंट चढ़ रही है। राजस्थान के जोधपुर के भीयासर गांव में ऐसी ही एक अजीबो-गरीब प्रता की भेंट चढ़ रही है मासूम बच्चियां। इस गांव में जब-जब किसी बुजुर्ग की मौत होती है मासूम बच्चियों को शादी के बंधन में बांध दिया जाता है। पैदा हुई दुनिया की सबसे छोटी बच्ची, वजन एक शिमला मिर्च के बराबर

बाल विवाह का एक और रुप
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक हर बार जब परिवार में किसी बड़े की मौत होती है घर की बच्चियों को बालिका वधु बनना होता है। हर परिवार में कोई बेटी नहीं होती तो आसपास के रिश्तेदारों की बेटियों की शादी करवाई जाती है। गांव के विश्नोई समाज में ये प्रथा सालों से चलती आ रही है। 16 साल की भगवती ने अपनी आपबीती सुनाते हए कहा कि जब वो 7 साल की थी तो उसकी दादी के मरने पर उसकी शादी करवा दी गई थी।
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किसी के मरने पर उठती है डोली
उसने इस शादी से इंकार किया, लेकिन परिवारवाले नहीं माने। दादी की मौत के बाद भगवती समेत परिवार की 8 बच्चियों को बालिका वधु बनना पड़ा। इसमें 2 महीने की भी एक बच्ची शामिल थी। सभी बच्चियों को एक साथ मंडप में बिठाकर सात फेरों के बंधन में जबरन बांध दिया गया।
भेंट चढ़ती है मासूम बेटियां
भगवती कहती है कि वो पढ़ना चाहती थी। स्कूल जाना चाहती थी, लेकिन घरवालों ने उसकी एक न सुनी। इस घटना के बारे में रिटार्यड प्रोफेसर अदन सिंह भाती कहते हैं कि राजस्थान के जाट और ओबीसी समाज में किसी के मरने पर इस तरह की सामुहिक विवाह का चलन आम है। लोगों का मामला है कि ऐसा करना आर्थिक रुप से भी सही है, क्योंकि प रिवार में किसी के मरने पर सोक मनाने लोग आते ही है, ऐसे में एक ही खर्च में शादी और शोक को निपटा लिया जाता है। भले ही ये इस समाज की परंपरा हो, लेकिन इसमें पिसती सिर्फ और सिर्फ मासूम बेटियां ही है।












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