बनारस की गलियों में घूमने वाले कुत्ते का बना पासपोर्ट, अब दिल्ली से फ्लाइट लेकर जाएगा विदेश
Varanasi dog gets passport: उत्तर प्रदेश के बनारस की गलियों में घूमने वाले एक कुत्ते की किस्मत बदल गई है। देसी कुत्ता अब विदेशी होने जा रहा है। बनारस के एक कुत्ते का पासपोर्ट बना है और वह वीजा लेकर अब इटली जाने वाला है।
जी हां, यकीन करना मुश्किल है, लेकिन ये सच है। इस कुत्ते का नाम मोती है। भारत का स्ट्रीट डॉग मोती अब इंडो-इटालियन बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वाराणसी की सड़कों पर रहने वाला यह कुत्ता मोती देसी जरूर है, लेकिन अब यह आम कुत्ता नहीं रह गया है। इटली की एक लेखिका वेरा लाजारेट्टी, जो अपने रिसर्च वर्क के लिए पिछले 10 सालों से भारत के दौरे पर हैं। उन्होंने मोती को अधिकारिक तौर पर गोद ले लिया है।
लेखिका वेरा लाजारेट्टी का कहना है कि वो मोती एक लग्जरी लाइफ देना चाहती हैं, इसलिए उन्होंने इसे गोद लिया। लेखिका वेरा लाजारेट्टी ने बताया कि उसने मोती के साथ सड़कों पर क्रूरता होते देखा था।
इस स्ट्रीट डॉग को लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी की गई थी, जिसके लिए पासपोर्ट भी जारी किया गया था। अब मोती को वीजा भी मिल गया है, मोती, लेखिका वेरा लाजारेट्टी के साथ 13 जुलाई को दिल्ली से इटली के लिए उड़ान भरेगा।
मोती की तरह वाराणसी के एक और कुत्ते का पासपोर्ट बना है। जया नाम के कुत्ते का भी पासपोर्ट तैयार हो चुका है, यह स्ट्रीट डॉग नीदरलैंड जाने वाला है। नीदरलैंड की मिरल बोउन्टेन ने जया को गोद लिया है।
जया की कहानी भी बहुत मजेदार है। वाराणसी के दरभंगा घाट पर जया घूम रही थी। जहां अन्य कुत्तों ने उसे घायल कर दिया था। इस घटना को दरलैंड की रहने वाली मिरल ने देख लिया। जिसके बाद उसने एनजीओ को फोन किया और जया का इलाज करवाया। उसके बाद वह जया को अपने साथ रखने लगी।












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