Weirdest School Rules: स्कूल ने बच्चों पर लगाई अजीबोगरीब पाबंदियां, गले लगने पर भी बैन, आखिर क्या है वजह?
यूके के एक स्कूल में बच्चों के लिए अजीबोगरीब नियम बनाए गए हैं। नए नियम के मुताबिक, बच्चे एक दूसरे से दूर बैठेंगे और वे आपस में एक दूसरे को छू भी नहीं सकते।

Weird rule of UK School: यूके के स्कूल में बच्चों के लिए एक नए तरह का नियम लागू किया गया है। इसके मुताबिक, बच्चों को हाथ पकड़ने और गले लगने पर पाबंदी लगा दी गई है। एक बार को सुनने में ये बात काफी अजीब लगती है। लेकिन सच है। एक बार को तो कोई भी सोचेगा कि हो सकता है इस तरह की पाबंदियां कोरोना या फिर किसी वायरल इन्फेक्शन के कारण लगाई गई हैं। लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

स्कूल ने पहले पेरेंट्स को भेजा लेटर
'टाइम्स नाऊ' की खबर के मुताबिक, चेम्सफोर्ड के हाइलैंड्स स्कूल के छात्र-छात्राओं को एक दूसरे से गले मिलने, हाथ मिलाने और यहां तक कि हाथ मिलाने तक की इजाजत नहीं होगी। डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने बच्चों के मां-बाप को पहले इस बारे में लेटर भेजा और फिर इस नियम को लागू किया। ताकि वे छात्रों के बीच सभी तरह के फिजिकल कॉन्टेक्ट पर पाबंदी लगा सकें।

'ये आपके बच्चों की सुरक्षा के लिए'
लेटर में कहा गया है कि ये आपके बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए है। अगर आपका बच्चा किसी और को छू रहा है, चाहे इस बात में उसकी सहमति हो, इसमें कुछ भी हो सकता है। इससे चोट लग सकती है और किसी को असहज महसूस हो सकता है। किसी को गलत तरीके से भी छुआ जा सकता है।

मोबाइल फोन पर भी लगा बैन
इस नए नियम में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अगर कोई स्टूडेंट मोबाइल फोन का यूज करते हुए पकड़ा गया, तो डिवाइस को एक दिन के लिए बंद कर दिया जाएगा। बच्चों के माता-पिता ने जल्द ही नियमों की आलोचना करना शुरू कर दिया और स्कूल की नीतियों पर भी सवाल उठाए।

पेरेंट्स को नहीं पसंद आए ये अजीब रूल्स
बच्चों के पेरेंट्स ने एसेक्स लाइव को बताया कि लेटर भेजे जाने तक किसी को भी इन नए नियमों के बारे में नहीं बताया गया था। उन्होंने कहा कि हम इस बात पर भरोसा नहीं कर सकते, कि इतनी कम उम्र में कोई कैसे गलत तरीके से छू सकता है। वे बच्चों को ये नहीं सिखा रहे कि अच्छे संबंध कैसे बनाए जाएं।

क्या बोले स्कूल के प्रिंसिपल?
बच्चे किसी को छू नहीं सकते, तो उन्हें पता कैसे चलेगा कि क्या गलत है और क्या सही। उनका साथ छीना जा रहा है। वहीं दूसरी और स्कूल के प्राधानाध्यापक मैगा कैलाघन ने बीबीसी को बताया कि नई नीतियां पारस्परिक सम्मान और समावेश की संस्कृति का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।
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